अजब-गजब ट्रैफिक नियम: यहां कार गंदी रखने पर भरना पड़ता है जुर्माना l देखिए video

अजब-गजब ट्रैफिक नियम: यहां कार गंदी रखने पर भरना पड़ता है जुर्माना l देखिए video

भारत में नए मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के लागू होने के बाद लोग परेशान हैं. नए एक्ट में मामूली गलती के लिए बड़े जुर्माने (fine) का प्रावधान है. ट्रैफिक के नियम (traffic rules) काफी सख्त हो गए हैं. लेकिन क्या भारत में ही ऐसा है? दुनिया के बाकी देशों में ट्रैफिक के नियम कैसे हैं? कई देशों में ट्रैफिक को लेकर अजीबोगरीब नियम कायदे हैं. आइए कुछ ऐसे ही देशों के ट्रैफिक नियमों के बारे में जानते हैं.

भूटान दुनिया का एकलौता ऐसा देश है, जिसकी राजधानी में एक भी ट्रैफिक लाइट नहीं है. भूटान के थोड़े व्यस्त इलाकों में पुलिस तैनात होती है. लेकिन वहां अब तक ट्रैफिक लाइट्स की जरूरत महसूस नहीं हुई है. बताया जाता है कि एक बार वहां ट्रैफिक लाइट्स लगाई गई थी, लेकिन लोगों को ये पसंद नहीं आई. लोगों का कहना था कि इन लाइट्स की बजाए पुलिस ही ट्रैफिक व्यवस्था संभाले तो अच्छा हो. इसके बाद ट्रैफिक लाइट्स हटा लिए गए.

कार गंदी रखने पर देना पड़ता है जुर्माना

मास्को में कार गंदी रखने पर भी जुर्माना देना पड़ता है. मास्को में अगर आप गंदी गाड़ी लेकर सड़क पर निकल गए तो ट्रैफिक पुलिस आपका चालान कर सकती है. गाड़ी गंदी रखने पर यहां 50 डॉलर यानी करीब 3500 रुपए का जुर्माना भरना पड़ता है.

जापान में ट्रैफिक को लेकर ऐसा ही दिलचस्प कानून है. जापान में आपकी कार से पैदल चलने वालों पर कीचड़ या बारिश का पानी पड़ता है तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है. तेज रफ्तार कार से पैदल चलने वालों पर बारिश के पानी के छींटे उड़ाना गैरकानूनी है. सड़क के किनारे अगर पानी जमा हो तो आपको कार बहुत ही सावधानी से चलानी होगी. अगर पैदल चलने वालों को थोड़ी भी परेशानी हुई तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है.

कार गंदी रखने पर भी देना पड़ता है जुर्माना

स्पेन में स्लीपर या हवाई चप्पल पहनकर गाड़ी चलाना गैरकानूनी है. यहां तक की आप नंगे पांव या ओपन शूज़ पहनकर भी गाड़ी नहीं चला सकते. ऐसा करने पर आपको ट्रैफिक पुलिस पकड़ सकती है और आपसे जुर्माना वसूला जा सकता है. स्पेन में ये नियम सख्ती से लागू है. ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक कार पर सही तरीके से कंट्रोल रखने के लिए ऐसा नियम बनाया गया है.

मैरीलैंड में ट्रैफिक को लेकर अजीब कानून

मैरीलैंड में अगर आप कार से चल रहे हैं तो पैदल चलने वालों को परेशानी का ख्याल रखना पड़ेगा. अगर आप पैदल चलने वालों को कोसते हैं या उन्हें चिढ़ाते हैं तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है. मैरीलैंड में ये गैरकानूनी है. ट्रैफिक पुलिस आपका चालान कर सकती है. जुर्माने की रकम 100 डॉलर यानी करीब 7200 रुपए तक हो सकती है. सोचिए अगर भारत में इस तरह का कानून हो तो क्या हो?

थाईलैंड में कार चलाते वक्त शर्ट पहने रहना जरूरी है. कितनी भी गर्मी हो आप कार चलाते वक्त शर्ट नहीं उतार सकते. ऐसा करने पर 5 डॉलर यानी करीब 360 रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है. इसी तरह से टैक्सी या कमर्शियल गाड़ी चलाने वालों के लिए ड्रेस पहनना जरूरी है. प्रॉपर ड्रेस के बिना गाड़ी चलाना गैरकानूनी है. उसके लिए जुर्माने की रकम और ज्यादा है.

स्वीडन में दिन में भी लाइट्स जलाए रखने का कानून

स्वीडन में चमकदार सड़कें हैं. यहां के ट्रैफिक रूल्स के मुताबिक दिन में कार की लाइट्स जलाए रखना जरूरी है. खासकर सर्दियों में अगर आप दिन में लाइट्स नहीं जलाते हैं तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है. ऐसा करने के पीछे वाजिब वजह भी है. स्वीडन में सर्दियों के दिन में सूरज की रोशनी कम होती है. दिन में भी अंधेरे जैसी स्थिति होती है इसलिए दिन में भी लाइट्स जलाए रखने की मजबूरी होती है. साइप्रस में ड्राइविंग करते वक्त कुछ भी खाने की पाबंदी है. यहां तक की आप गाड़ी चलाते वक्त पानी भी नहीं पी सकते. ऐसा करने पर आपको जुर्माना देना पड़ सकता है.

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चीन में क्रॉसिंग के पास भी कार रोकना मना

चीन में ट्रैफिक को लेकर एक अजीबोगरीब कानून है. यहां व्यस्त सड़कों पर कार रोकना मना है. पैदल चलने वालों के लिए भी आप कार नहीं रोक सकते. क्रॉसिंग के पास भी कार रोकना मना है. अगर आप कार रोकते हैं तो आपको 5 डॉलर का जुर्माना भरना पड़ सकता है. पैदल चलने वालों के लिए ये खतरनाक नियम है लेकिन चीन में ये चल रहा है.

मनीला में कार के नंबर को लेकर एक अजीबोगरीब नियम है. यहां वे लोग जिनके कार का आखिरी नंबर 1 या 2 है, वो अपनी गाड़ी सोमवार को नहीं निकाल सकते. इसी तरह का कानून डेनेवर में भी है. यहां के लोग रविवार को काले रंग की कार नहीं निकाल सकते. अगर आपने सनडे को ब्लैक कलर की कार निकाली तो आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है. नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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