उत्तराखंड में घूमने के बेहतरीन पहाड़ी पर्यटक स्थान

उत्तराखंड में घूमने के बेहतरीन पहाड़ी पर्यटक स्थान

उत्तराखंड वह पहाड़ी राज्य है जो हमेशा से पर्यटकों के घूमने के लिए काफी चर्चित रहा है। हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से पर्यटक उत्तराखंड में घूमने आते रहते हैं। उत्तराखंड में प्रसिद्ध मंदिरों से लेकर, हिल स्टेशन, ट्रेकिंग, ताल, बुग्याल, घाटियां, नदियां, झरने आदि हर वह चीज है जो यात्रियों को हर साल यहाँ खींच ले आती है। उत्तराखंड के अधिकतर लोगों का आय का स्रोत पर्यटन ही है। हर साल चार धाम यात्रा के दौरान प्रसिद्ध मंदिरों के कपाट खुलने पर लाखों की संख्या में

पर्यटक उत्तराखंड पहुंचते हैं। उत्तराखंड में घूमने के इतने सारे स्थान हैं कि कोई भी यात्री सीमित समय में यहां के हर एक स्थान को नहीं घूम पायेगा। इतने सारे सुंदर पर्यटक स्थान होने की वजह से यहां आने से पहले यात्री आमतौर पर असमंजस में होते हैं कि कौन सी जगह जाया जाए? आज हम जानेंगे कि उत्तराखंड में घूमने के 10 बेहतरीन स्थान कौन से हो सकते हैं?

केदारनाथ मंदिर

उत्तराखंड में घूमने के 10 बेहतरीन स्थानों में प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर वह पहला स्थान है जहां आपको एक बार तो जरूर ही जाना चाहिए। भगवान शिव का यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,584 मीटर की ऊंचाई पर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। केदारनाथ मंदिर आस्था और रोमांच का मिला-जुला पर्यटक स्थल है। केदारनाथ पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको मोटरमार्ग द्वारा सोनप्रयाग-गौरीकुंड पहुंचना होता है। गौरीकुंड से लगभग 16 किलोमीटर का पहाड़ी ट्रेक करने के बाद ही केदारनाथ मंदिर तक पहुंचा जाता है। केदारनाथ जाने का सबसे अच्छा समय कपाट खुले रहने के दौरान लगभग मई से नवंबर माह तक का है। इतनी ऊंचाई पर होने के कारण यहां का मौसम काफी ठंडा रहता है। दिल्ली से आने वाले यात्री लगभग 3-4 दिन की छुट्टी में केदारनाथ मंदिर की यात्रा पूरी कर सकते हैं। इसके साथ ही अन्य तीन धाम बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर भी है।

मसूरी, देहरादून

उत्तराखंड में घूमने के लिए मसूरी सबसे अधिक चर्चित स्थान है। राज्य की राजधानी देहरादून से मसूरी की मोटरमार्ग दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। मसूरी समुद्र तल से लगभग 2005 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक हिल स्टेशन है जहां पूरे साल हर मौसम में यात्री पहुंचते रहते हैं। मसूरी के आसपास घूमने के लिये बहुत सारे सुंदर स्थान हैं। यहां का मौसम और यहां आसपास के सुंदर स्थान पर्यटकों के बीच काफी चर्चित हैं। सर्दियों में यहां से देहरादून शहर के ऊपर विंटर लाइन का नजारा भी देखने को मिलता है जो कि विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद यहीं देखने को मिलता है। इसके साथ ही सर्दियों में यहां बर्फवारी का आनंद भी लिया जा सकता है।

नैनीताल

नैनीताल, उत्तराखंड का वह स्थान है जो लगभग 2,084 मीटर की ऊंचाई पर सुंदर झील के चारों ओर बसा हुआ है। यह भी एक हिल स्टेशन ही है जहां हर साल लाखों यात्री पहुंचा करते हैं। नैनीताल झील में पर्यटक वोटिंग का मजा भी ले सकते हैं। यहां का मौसम आमतौर पर ठंडा बना रहता है और सर्दियों में नैनीताल में बर्फवारी का आनंद भी लिया जा सकता है। नैनीताल के आसपास काफी स्थान व ताल भी हैं जहां आप घूम सकते हैं। कुछ जाने माने ताल जैसे भीमताल, नौकुचिया ताल, सात ताल जैसी जगह भी जाया जा सकता है।

हरसिल, उत्तरकाशी

उत्तराखंड की पवित्र नदी भागीरथी के किनारे बसा हरसिल स्थान समुद्र तल से 2,745 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चारों तरफ से ऊंची चोटियों से घिरा यह स्थान साल भर पर्यटकों से गुलजार रहता है। हरसिल स्थान, भारतीय सेना का बेस कैम्प भी है। प्रसिद्ध गंगोत्री मंदिर यहां से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हरसिल के आसपास भी काफी सारे सुंदर स्थान हैं जैसे गरतांग गली, नेलांग घाटी, क्यारकोटी ट्रेक, गंगोत्री मंदिर, गोमुख ट्रेक आदि। सर्दियों में यहां भारी बर्फवारी होती है जिसकी वजह से लोकल लोग भी सर्दियों में यहां नहीं रह पाते।

कौसानी, बागेश्वर

उत्तराखंड का एक और प्रसिद्ध हिल स्टेशन कौसानी है जो समुद्र तल से लगभग 1,890 मीटर की ऊंचाई पर बागेश्वर जिले में स्थित है। महात्मा गांधी ने भी यहां की सुंदरता के बारे में बताया था। कौसानी से हिमालय की चोटियों का नजारा बहुत ही अद्भुत है। कौसानी से हिमालय की त्रिशूल, पंचचुली और नंदा देवी की 300 किलोमीटर चौड़ी चोटियों का दृश्य देखने लायक होता है। कौसानी पहुंचने का सबसे अच्छा समय गर्मियों के मौसम है। कौसानी के आसपास रुद्रधारी वाटर फॉल और गुफा, बैजनाथ मंदिर, अनाशक्ति आश्रम जैसे अन्य पर्यटक स्थान भी हैं।

चोपता और तुंगनाथ मंदिर

चोपता और तुंगनाथ को हमने यहां एक ही विकल्प में रख दिया है हालांकि चोपता से तुंगनाथ के लिए लगभग 4 किलोमीटर का ट्रेक है। चोपता रुद्रप्रयाग जिले का प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है जहां साल के हर मौसम में यात्री छुट्टियां बिताने पहुंचते हैं। ठंड के मौसम में यहां भारी बर्फवारी का लुफ्त उठाया जा सकता है।

फूलों की घाटी, चमोली

उत्तराखंड में घूमने के बेहतरीन स्थानों में फूलों की घाटी, चमोली को रखना एक जाहिर सी बात है। फूलों की घाटी पहुंचने के लिए गोविंदघाट, जोशीमठ पहुंचना होता है। जहां से 3 किलोमीटर दूर गंगरिया स्थान से परमिट लेने के बाद 3 दिन के भीतर यह ट्रेक पूरा करना होता है। फूलों की घाटी में 500 से भी अधिक प्रजातियों के फूल खिलते हैं जो बहुत ही ज्यादा सुंदर दृश्य बनाते हैं। पर्यटक कृपया ध्यान दें कि यहां काफी सारे विषैले फूल भी खिलते हैं जिनसे सावधान रहना जरूरी है।

औली

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली एक बुग्याल है जो समुद्र तल से 2,909 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। बर्फ से घिरी चोटियां, बुग्याल, देवदार की खुशबू से महकती घाटी और ठंडक यहां का प्रमुख आकर्षण है। इसके साथ ही औली, स्कीईंग के लिए काफी चर्चित है। गढ़वाल मंडल विकास निगम की यहां स्कीईंग का प्रशिक्षण भी देता है। इसके अतिरिक्त यहां की कृत्रिम झील(Men made Lake) विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित झीलों में से एक है।

केदारकांठा, उत्तरकाशी

भारत के सबसे बेहतरीन स्नो ट्रेक में से एक केदारकांठा ट्रेक उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है। लगभग 4,100 मीटर की ऊंचाई का केदारकांठा शिखर का ट्रेक रोमांच से भरा है। सांकरी गांव बेस कैम्प से शुरू होने वाला यह ट्रेक लगभग 12 किलोमीटर का है जिसे पूरा करने में 8-10 घंटे लग जाते हैं। बर्फ ज्यादा होने पर बीच में बेस कैम्प पर रुक कर अगले दिन ट्रेक पूरा किया जाता है। सांकरी की देहरादून सड़क मार्ग दूरी लगभग 200 किलोमीटर है।

टिहरी झील

टिहरी झील, उत्तराखंड के सबसे बड़े बांधों में से एक टिहरी बांध के रुके पानी की झील है। एक समय पर टिहरी बांध, देश का सबसे ऊंचा बांध हुआ करता था। टिहरी बांध, भागीरथी और भिलंगना नदी के संगम पर बनाया गया है। उत्तराखंड सरकार ने पिछले कुछ समय से झील पर पर्यटकों के मनोरंजन के लिए साहसिक खेलों का प्रबंध किया है। लगभग 260 मीटर ऊंची और 592 मीटर लंबी यह झील 42 वर्ग किलोमीटर में फैली है।

Rutvisha patel

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