उंगलियां चटकाने पर आवाज क्यों आती है? | देखिए video

उंगलियां चटकाने पर आवाज क्यों आती है? | देखिए video

हम में से कई लोगों को रोजाना अपनी उंगलियां चटकाते हुए काम करने की आदत होती है और चटकाने के बाद थोड़ी देर के लिए कई लोग रिलैक्स फील भी करते हैं. इसे लेकर ज्यादातर लोगों को लगता है कि ये नॉर्मल प्रोसेस है, पर आपको बता दें कि ये सामान्य नहीं है. इसके पीछे जुड़े कुछ फैक्ट्स हैं जिनके बारे में आपको पता होना जरूरी है. कई बार ऐसा होता है जब बॉडी के दूसरे जॉइंट्स से भी अपने आप आवाज आने लगती है. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर ये आवाज आती क्यों हैं और ऐसी आवाज आना कितना सही है. कई लोग मानते हैं कि उंगलियां चटकाने से अर्थराइटिस की परेशानी बढ़ जाती है. लेकिन आज हम आपको इसके कुछ साइंटिफिक फैक्ट्स बताने जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं कि शरीर में होने वाली ये अनोखी प्रक्रिया है क्या.

उंगलियां चटकाने से क्या होता है

जो प्रोसेस उंगलियां चटकाने में होता है, वहीं बॉडी के सभी जॉइंट्स को चटकाने में भी होता है. दरअसल बॉडी के जॉइंट्स में एक फ्लूइड होता है जिसे सायनोवियल फ्लूइड कहा जाता है. ऐसे में जब आप उंगलियां चटकाते हैं तो जॉइंट्स के बीच मौजूद सायनोवियल फ्लूइड की गैस रिलीज होती है और उसके अंदर बनने वाले बबल्स फूटते हैं. यही वजह है कि उंगलियां चटकाने पर आवाज आती है. कई बार ऐसा भी होता है कि जब आप बहुत तेजी से मूवमेंट करते हैं तो आपके जॉइंट्स से अपने आप आवाज आती है. यह साउंड नॉर्मल बुलबुला फूटने की आवाज से अलग होते हैं और इसकी वजह होते हैं जॉइंट्स को जोड़ने वाले टेंडन्स जो हड्डियों से मसल्स अटैच करके रखते हैं.

उंगली चटकाने से क्या होता है अर्थराइटिस

उंगलियां चटकाने को लेकर कई तरह की स्टडीज हुई हैं. कई मेडिकल स्टडीज ये भी मानती हैं कि अगर आप उंगलियां चटकाते हैं और आपको दर्द महसूस नहीं हो रहा है तो ये प्रोसेस सही है. एक रिसर्चर Donald L Unger ने 60 सालों तक अपने एक हाथ की उंगलियां चटकाईं और दूसरे हाथ की नहीं. डोनाल्ड ये समझना चाहते थे कि क्या उंगलियां चटकाने से अर्थराइटिस होता है. इस 60 साल के प्रोसेस का नतीजा ये रहा कि जॉइंट क्रैकिंग का अर्थराइटिस से कोई कनेक्शन नहीं है. इतने सालों बाद भी उनके दोनों हाथों की स्थिति बिल्कुल एक जैसी ही थी.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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