बचपन से देख रहे हैं… लेकिन कभी सोचा ट्रैक्टर के टायर छोटे-बड़े क्यों होते हैं? आज जवाब भी जान लीजिए

बचपन से देख रहे हैं… लेकिन कभी सोचा ट्रैक्टर के टायर छोटे-बड़े क्यों होते हैं? आज जवाब भी जान लीजिए

ट्रैक्टर को देखना हमारे लिए कितनी सामान्य सी बात है न! किसानों की खेती के लिए सबसे ताकतवर मशीन ट्रैक्टर की बनवाट अपने-अपने आप में ही बहुत अलग होती है. गांव के लोग बचपन से ही ट्रैक्टर को देख रहे हैं, लेकिन कुछ इसमें कुछ ऐसी चीज है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं. इनमें से एक है ट्रैक्टर का पहिया. सामान्य तौर पर ट्रैक्टर में कुल चार पहिए होते हैं. आगे वाले दो छोटे और पीछे वाले दोनों बड़े. अब सवाल यही है कि ट्रैक्टर के पिछले दोनों पहिए बड़े क्यों होते हैं? तो चलिए इसे समझ ही लेते हैं.

अब जब ट्रैक्टर पर बात हो ही रही है तो इससे जुड़ी एक बहुत बड़ी गलतफहमी को भी दूर कर ही लेते हैं. लोग सोचते हैं कि ट्रैक्टर का इंजन बेहद शक्तिशाली होता है. मगर ये सच नहीं है. ये जरूर है कि ट्रैक्टर भारी-भरकम चीजों को आसानी से खींच लेता है.

कितना ताकतवर इंजन

बचपन से देख रहे हैं… लेकिन कभी सोचा ट्रैक्टर के टायर छोटे-बड़े क्यों होते हैं? आज जवाब भी जान लीजिए

एक कार के इंजन इतना ही ट्रैक्टर का इंजन भी ताकतवर होता है. मगर ट्रैक्टर के अधिक भार खींचने के पीछे ‘ट्रैक्शन’ होता है. इस अर्थ है खींचना. ट्रैक्शन शब्द से ट्रैक्टर आया है. कार और अन्य किसी गाड़ी से ट्रैक्टर में टॉर्क (पहिया घुमाने या खींचने की क्षमता) डेढ़ गुणा अधिक होती है. गियर की सहायता से ट्रैक्टर की स्पीड कम करके ये कार की तुलना में अधिक टार्क पैदा करता है. इसकी वजह से ट्रैक्टर भारी लोड भी खींच लेता है.

क्यों बड़े होते हैं पीछे वाले पहिए

अब बात इसके बड़े वाले पहिए की करें तो ट्रैक्टर किसी कार और बाइक के मुकाबले अधिक कीचड़ या मिट्टी में आसानी से अपने काम को अंजाम देता है. ट्रैक्शन कम होने की वजह से कार या बाइक कीचड़ में फंस जाते हैं. लेकिन पिछले टायर बड़े होने की वजह से ट्रैक्टर आसानी से निकल जाता है. ट्रैक्टर में पीछे बड़े टायर लगाने से टायर कीचड़ में धंसता नहीं है और अच्छी पकड़ बनाए रखता है.

आगे वाले पहिए छोटे क्यों?

ट्रैक्टर के अगले दोनों पहिए छोटे इसलिए लगाए जाते हैं ताकी मोड़ पर घुमाने में आसनी रहे. साथ आगे देखने में भी आसानी होती है. ट्रैक्टर का इंजन आगे होता है इसलिए वजन को बराबर रखने के लिए पीछे बड़े पहिए लगाने जरूरी होते हैं. साथ पीछे वाले दोनों बड़े टायर लोड खींचते वक्त ट्रैक्टर को आगे से उठने नहीं देते हैं.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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