आजादी के 27 साल बाद ऐसे Sikkim बना India का हिस्सा | देखिए video

आजादी के 27 साल बाद ऐसे Sikkim बना India का हिस्सा | देखिए video

आज सिक्किम स्थापना दिवस (Sikkim Statehood Day 2022) है. भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक और सबसे कम जनसंख्या वाला प्रदेश सिक्किम आज ही के दिन भारत का हिस्सा बना था. सिक्किम के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई राजनीतिक हस्तियों ने इसकी शुभकामनाएं दी हैं और सोशल मीडिया पर कई लोग इसकी बधाइयां दे रहे हैं. सिक्किम के भारत (Sikkim In India) में शामिल होने का दिन इसलिए भी खास है, क्योंकि सिक्किम का भारत में विलय आजादी से करीब 28 साल बाद हुआ था और इसमें भी भारतीय सेना का अहम रोल था. ऐसे में सिक्किम के भारत विलय की कहानी काफी दिलचस्प है.

आप भी सोच रहे होंगे कि जब भारत 1947 में आजाद हो गया था तो कई साल तक सिक्किम भारत का हिस्सा क्यों नहीं बना. साथ ही सवाल ये भी है कि जितने दिन सिक्किम भारत में शामिल नहीं था, वहां किसका शासन था और किस तरह से सिक्किम को भारत में शामिल किया गया. तो जानते हैं सिक्किम के भारत में शामिल होने की कहानी…

सिक्किम नहीं था भारत का हिस्सा

आजादी के 28 साल बाद भी नहीं था भारत का हिस्सा... फिर एक दिन सेना गई और सिक्किम नया राज्य बन गया!

बता दें कि साल 1642 से यह चोग्याल वंश के अधीन था. इसके बाद 1890 में अंग्रेजों के शासन में यह भारत का एक संरक्षित राज्य बन गया, जिसे प्रोटेक्टोरेट स्टेट भी कहा जाता है. इसका मतलब होता है कि इस पर अंग्रेजों का ही शासन था. हालांकि, ये ये ब्रिटिश इंडिया और चीन के बीच बफर स्टेट के रूप में कार्य करता था, जिसमें नेपाल और भूटान आदि भी शामिल थे. लेकिन, भारत जब आजाद हुआ तो भारत का इस पर पूरी तरह से कंट्रोल था. सिक्किम के चोग्याल का अभी भी यहां अधिकार था, लेकिन कई लोग भारत में शामिल होना चाहता था.

वैसे साल 1950 में यानी भारत के आजाद होने के तीन साल बाद सिक्किम और भारत गणराज्य के बीच एक संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस समझौते के अनुसार, सिक्किम अभी भारत का एक संरक्षित राज्य था और इसमें दर्जे को जारी रखा गया था. इसके बाद से विदेश, रक्षा, कम्यूनिकेशन से जुड़े मामले भारत के हाथ में थे. इस दौरान देश में सरदार वल्लभभाई पटेल देश की अलग अलग रियासतों को भारत में शामिल करने का काम कर रहे थे. ऐसे ही गोवा भी आजाद होने के कई साल बाद भारत का हिस्सा बना था.

सेना ने कर दिया राजमहल पर कूच

कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आजादी के लंबे समय बाद 6 अप्रैल, 1975 की सुबह सिक्किम के चोग्याल को अपने राजमहल के द्वार के बाहर भारतीय सैनिकों के ट्रकों की आवाज सुनाई दी. इसके बाद भारतीय सेना ने राजमहल को कंट्रोल में ले लिया और माना जाता है कि इसके बाद से ही सिक्किम की आजादी समाप्त हो गई और चोग्याल को उनके महल में नजरबंद कर दिया गया. फिर सिक्किम में जनमत संग्रह कराया गया. 14 अप्रैल 1975 को करवाए गए जनमत संग्रह में 97.5 प्रतिशत लोगों ने भारत के साथ जाने का मत रखा. जिसके बाद सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने का 36वा संविधान संशोधन विधेयक 23 अप्रैल, 1975 को लोकसभा में पेश किया गया.

28 साल बाद देश का हिस्सा

बता दें कि फिर 15 मई 1975 को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने इस संशोधन पर साइन किए और अगले दिन सिक्किम भारत का 22 वां राज्य बना. इसके बाद से सिक्किम भारत का अहम हिस्सा है. हालांकि, लंबे वक्त तक चीन ने ये नहीं माना कि सिक्किम भारत का हिस्सा है. फिर साल 2003 में चीन ने सिक्किम को भारत के एक राज्य के रूप में स्वीकार किया जिससे भारत-चीन संबंधों में आयी कड़वाहट कुछ कम हुई.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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