रबर क्या है और कैसे बनता है?

रबर क्या है और कैसे बनता है?

आइये जानते हैं रबर क्या है और कैसे बनता है । वाटरप्रूफ कपड़े, तिरपाल, रबर बैंड, फुटवियर और टायर ट्यूब के अलावा जाने कितनी ही रोज़मर्रा की चीज़ें रबर से बनती हैं और ये एक ऐसा पदार्थ है जो बहुत उपयोगी होने के कारण हमारे लिए बेहद ज़रूरी हो गया है। रबर की सैंकड़ों चीज़ें इस्तेमाल करते हुए, कभी आपके ज़ेहन में भी ये ख्याल आया होगा कि आख़िर ये रबर क्या है और ये कहाँ से आता है? तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि रबर क्या है और ये बनता कैसे है।

रबर क्या है और कैसे बनता है?

रबर क्या है और कैसे बनता है

रबर पेड़ों से मिलता हैं। कुछ पेड़ों, झाड़ियों से निकलने वाले लैटेक्स से रबर प्राप्त होता है। लैटेक्स एक तरल पदार्थ होता है जिसके सूखने पर प्राकृतिक रबर बनता है। वैसे तो रबर के पेड़ों की 400 से भी ज़्यादा किस्में मौजूद है लेकिन सबसे ज़्यादा रबर ‘हैविया ब्राजिलिएन्सिस’ से मिलता है। पेड़ लगाने के 5 साल बाद, उस पेड़ से लैटेक्स निकलना शुरू हो जाता है और लगभग 40 सालों तक निकलता रहता है। एक एकड़ में करीब 150 पेड़ लगाए जाते हैं जिनसे 150 से 500 पाउंड तक रबर मिल जाता है। इसके अलावा ‘फाइकस इलैस्टिका’ नामक पेड़ से भी रबर प्राप्त होता है।

पेड़ से रबर निकालने का तरीका- पेड़ के तने को छेदकर, उसमें से निकलने वाले लैटेक्स को इकट्ठा किया जाता है। ये लैटेक्स पानी से हल्का होता है और इसमें रबर के अलावा रेज़िन, शर्करा, प्रोटीन, खनिज लवण और एन्जाइम्स पाए जाते हैं।

रबर क्या है और कैसे बनता है

इस लैटेक्स का केमिकल्स की सहायता से परीक्षण किया जाता है ताकि बनने वाला रबर बढ़िया किस्म का हो। अब इस लैटेक्स का स्कंदन होने दिया जाता है जिससे लैटेक्स में मौजूद पानी सूख जाता है और रबर शेष रह जाता है।

इस शुद्ध रबर में ना कोई रंग होता है और ना ही कोई गंध होती है। रबर इतना लचीला होता है कि इसे खींचे जाने पर ये आठ गुना तक लम्बा खिंच जाता है और इसी गुण के कारण रबर से गुब्बारे, गेंदें और जूते जैसी चीज़ें बड़ी आसानी से बन जाती हैं। इसके अलावा बिजली का कुचालक होने के कारण इसका इस्तेमाल बिजली के उपकरणों में भी होता है।

जहाँ प्राकृतिक रबर पेड़ों से मिलता हैं वहीँ कृत्रिम रबर केमिकल रिएक्शन के ज़रिये प्राप्त कर लिया जाता है। रबर का वल्कनीकरण करके अपेक्षाकृत ज़्यादा मजबूत और टिकाऊ रबर प्राप्त किया जाता है।

रबर के गुणों को जानने के लिए कई सालों तक प्रयोग करने वाले वैज्ञानिकों में अमेरिका के चार्ल्स गुडइयर का नाम प्रमुख है।अब आप जान चुके हैं कि जिस रबर का इस्तेमाल आप अपने हर दिन में, बहुत बार करते हैं वो रबर कहाँ से आता है।उम्मीद है जागरूक पर रबर क्या है और कैसे बनता है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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