पूरा बन गया चिनाब रेल ब्रिज, क्या यही है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल? देखिए video

पूरा बन गया चिनाब रेल ब्रिज, क्या यही है दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल? देखिए video

Jammu Kashmir Rail Project: चिनाब रेल ब्रिज (Chenab Rail Bridge) का निर्माण पूरा हो गया है। अब इस पर रेल की पटरी (Track) बिछाया जाना बांकी है। इसे आगामी नवंबर तक पूरा किया जाना है। इस पुल के बारे में मीडिया और सोशल मीडिया में दुनिया का सबसे उंचा रेल पुल (World Highest Rail Bridge) कह कर प्रचारित प्रसारित किया जा रहा है। हमने यह जानने की कोशिश की है कि क्या यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल (Highest Railway Bridge) है?

13 अगस्त को हुआ काम पूरा

रेलवे के इंजीनियरों (Railway Bridge) ने फाइनली 13 अगस्त 2022 को चेनाब नदी पर बनने वाले रेलवे आर्क ब्रिज के मेहराब या आर्क के दोनों ऊपरी डेक को आपस में जोड़ दिया। इस अवसर पर वहां भारत का झंडा भी फहराया गया। जाहिर है कि यह पुल रेलवे के लिए विशेष है। इसलिए वहां जश्न भी मना। रेल मंत्रालय का कहना है कि इस पुल को दिसंबर 2022 रेलवे ऑपरेशन (Railway Operation) के लिए खोला जा सकता है। मतलब कि इस पर रेलगाड़ी चलने लगेगी।

क्या यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज है?

ज्यादातर लोग चिनाब रेल ब्रिज को दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज मानते और कहते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज चीन (China Railway) में दादुहे रेल ब्रिज (Daduhe Railway Bridge) है। यह चीन के सिचुआन प्रांत के Chuanzang Luding में स्थित है। यह पुल 1000 किलोमीटर लंबे Sichuan-Tibet Railway line के बीच बना है। यह रेल मार्ग दुनिया का सबसे चैलेंजिग रेल मार्ग में से एक है, जिसे रिकार्ड समय में पूरा किया।

दादुहे रेल ब्रिज की कितनी है ऊंचाई

दादुहे रेलवे ब्रिज की ऊंचाई 380 मीटर (1247 फिट) है। यह उंचाई नदी के तल से नापी गई है। यदि अपने चिनाब रेल पुल की नदी तल से ऊंचाई नापें तो यह 359 मीटर (1178 फिट) बैठती है। यदि हम चिनाब नदी की ऊपरी सतह से इसकी ऊंचाई मापें तो यह 322 मीटर (1065 फिट) है। इसकी लंबाई 1315 मीटर है। इसमें कुल 17 स्पॉन हैं। दादुहे रेल ब्रिज एक सस्पेंशन ब्रिज है, जिसका मेन स्पॉन 1,060 मीटर का है।

तो चिनाब ब्रिज किस श्रेणी में है दुनिया का सबसे ऊंचा पुल

अपने चिनाब पुल का भी विश्व रिकार्ड है। चिनाब रेल पुल आर्क (Arch) पुल की कैटेगरी में यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है। सिविल इंजीनियरों की मानें तो पुल कई तरीके से बनाए जाते हैं। इसमें से आर्क ब्रिज (Arch Bridge), बीम ब्रिज (Beam Bridge), केबल स्टेड ब्रिज (Cable-stayed Bridge), कैंटिलीवर ब्रिज (Cantilever Bridge), सस्पेंशन ब्रिज (Suspension Bridge), ट्रस ब्रिज (Truss Bridge) और टायड आर्क ब्रिज (Tied Arch Bridge)। दुनिया का सबसे ऊंचा दादुहे ब्रिज सस्पेंशन कैटेगरी का ब्रिज है।

करीब दो दशक लगे बनाने में

चिनाब ब्रिज को बनाने के लिए साल 2002 स्वीकृति मिली थी। लेकिन इस पर काम शुरू होते होते 2004 का साल आ गया। यदि सिर्फ निर्माण का ही साल गिना जाए तो तो करीब 18 साल तो लग ही गए। उत्तर रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि इस पुलन के निर्माण में देरी की मुख्य वजह इसका डिजाइन ईशु था। इसी वजह से बीच में इसका निर्माण कार्य रोक दिया गया था। इस पुल को बनाने वाला संगठन कोंकण रेलवे कारपोरेशन (KRCL) है। यह भी रेल मंत्रालय का ही एक संगठन है।

कुतुब मीनार से भी है पांच गुना ऊंचा

जम्मू कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों में रेल कनेक्टिविटी (Rail Connectivity) से जोड़ने के क्रम में यह पुल बनाया गया है। रियासी जिले में चिनाब नदी के ऊपर इस पुल का निर्माण किया गया है। यह पुल पेरिस के एफिल टावर से 35 मीटर ऊंचा और दिल्ली के कुतुब मीनार (Qutub Minar) से 5 गुना ऊंचा है। पुल की कुल लंबाई 1,315 मीटर है। इसके अलावा पुल की लाइफ 120 साल है। इसका डिजाइन ऐसे किया गया है कि यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड का तूफान भी झेल ले। इस पर ऐसा पेंट किया गया है कि अगले 20 साल तक इसे फिर से रंगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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