पुलिस गाली गलौज या बदतमीजी करें तो क्या करें?

पुलिस गाली गलौज या बदतमीजी करें तो क्या करें?

आपने हॉलीवुड की फिल्मों में देखा होगा कि जब किसी का किसी पुलिस वाले से सामना होता है तो, पुलिस कर्मी पहले प्रेम से जाकर कहता है’ सर क्या में आपका ड्राइविंग लाइसेंस देख सकता हूं” या फिर ” सर क्या आप कार से बाहर आएंगे, मुझे आपकी तलाशी लेनी है” और लोग प्रेम से पुलिस की बात मान जाते हैं लेकिन भारत में ज़्यादातर पुलिस वाले बिना किसी की दइया-मइया किए बात नहीं करते। भले आपने कोई जुर्म नहीं किया है फिर भी आप से बदतमीज़ी हो जाती है, ऐसा होने पर मन आहत हो जाता है और स्वाभिमान को ठेस पहुँचती है.

लेकिन कानून ने सभी को न्याय का अधिकार दिया है, जिसमे से एक इज्जत की ज़िन्दगी जीने का भी अधिकार है, कोई आपसे बेवजह बदतमीज़ी नहीं कर सकता और अगर कोई पुलिस वाला आपसे फैला-पसरी करता है तो आपको उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार होता है। ऐसा नहीं है कि हर पुलिस वाला आम नागरिक से बेवजह बदतमीज़ी करता है कुछ बाय डिफाल्ट नौकरी करते- करते ऐसे हो जाते हैं।

कोई पुलिस वाला बदतमीज़ी करे तो क्या करें

अगर कोई पुलिस वाला आपको बेवजह गाली दे रहा है या फिर ख़राब तरीके से बात कर रहा है तो सबसे पहले आपको अपना टेम्पर लूज़ नहीं करना है, अगर आप भी उससे फैलने लगेंगे तो यह अपराध की श्रेणी में आ जाता है, किसी भी सरकारी मुलाजिम से अभद्रता करने की लम्बी सज़ा मिलती है, इसी लिए आपको अपनी विनम्रता का परिचय देना होगा भले ही सामने वाला आपकी मां-बहन कर रहा हो। इसके बाद या तो आप उसका वीडियो बना लीजिये वो तो बेस्ट रहेगा या फिर बड़े अधिकारीयों से इसकी शिकायत करिये।

1. जिस थाना क्षेत्र में आपके साथ घटना हुई है वहां जाकर इसकी शिकायत लिखवा दीजिये

2. सम्बंधित अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, अति पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस महा निरीक्षक, पुलिस महा निरीक्षक या फिर अंत में राज्य के पुलिस प्रमुख महानिदेशक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करिये।

3. राज्य पुलिस की वेबसाइट में शिकायत पोर्टल होता है वहां शिकायत कर दीजिये

4. अगर आप मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं तो आप 181 में कॉल कर के इसकी शिकायत कर सकते हैं

5. अपने क्षेत्र के न्यायालय में वकील के माध्यम से परिवाद प्रस्तुत कर सकते हैं

6. लोकल मीडिया या फिर समाचार पत्रों तक अपनी व्यता व्यक्त कर सकते हैं, और वीडियो बनाया है तो उसे सोशल मीडिया में डाल सकते हैं

7. जिला कलेक्टर एवं संभागीय कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं

8. सम्बंधित राज्य का मानवाधिकार आयोग या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में अपनी बात पंहुचा सकते हैं

9. सम्बंधित राज्य एवं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं, आज कल तो ट्वीट से भी काम चल जाता है।

10. सीधा प्राइम मिनिस्टर को भी शिकायत कर सकते हैं और राष्ट्रपति को भी इसकी जानकरी दे सकते हैं। लेकिन ये लोग पहले से काफी बिजी रहते हैं तो आपकी सुनवाई के चांसेस कम हैं। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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