प्रेंग्नेंसी के दौरान कद्दू खाने के फायदे

प्रेंग्नेंसी के दौरान कद्दू खाने के फायदे

यह तो आप जान ही गए हैं कि प्रेगनेंसी में कद्दू खाना सुरक्षित हो सकता है। अब बारी आती है प्रेगनेंसी में कद्दू खाने के फायदे जानने की। चलिए, यहां जानते हैं कि प्रेगनेंसी में कद्दू खाने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

डायबिटीज से बचाव : गर्भावस्था के दौरान कद्दू का सेवन मधुमेह के जोखिम को कम कर सकता है। दरअसल, कद्दू में एंटी-डायबिटिक गुण मौजूद होता है, जिस कारण यह डायबिटीज के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है (6)। ऐसे में गर्भकालीन मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए कद्दू का सेवन एक स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प हो सकता है।

ब्लड प्रेशर के लिए : प्रेगनेंसी के दौरान महिला को उच्च रक्तचाप का जोखिम भी हो सकता है। यह खतरा ज्यादातर गर्भावस्था के 20वें हफ्ते के बाद हो सकता है (7)। ऐसे में रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए गर्भवती महिलाएं कद्दू का सेवन कर सकती है। कद्दू में एंटी-हाइपरटेंशन गुण मौजूद होता है, जो उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम कर सकता है (6)। इसके अलावा, हमने पहले ही जानकारी दी है कि कद्दू में पोटेशियम भी पाया जाता है। दरअसल, पोटेशियम की उचित खुराक लेने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचाव हो सकता है (8)। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए कद्दू का सेवन करना लाभकारी हो सकता है।

कब्ज के लिए : अगर गर्भावस्था के लक्षणों की बात की जाए, तो इसमें कब्ज की परेशानी भी शामिल है। गर्भावस्था में हॉर्मोन परिवर्तन से महिला का पाचन तंत्र धीमा हो सकता है, जिस कारण प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज की समस्या हो सकती है (9)। ऐसे में सही पाचन और कब्ज से राहत के लिए फाइबर युक्त कद्दू का सेवन लाभकारी हो सकता है (10)।

हृदय के लिए : गर्भावस्था के दौरान हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी कद्दू का सेवन लाभकारी हो सकता है। दरअसल, कद्दू में मौजूद पोटेशियम, विटामिन-सी व फाइबर हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। इतना ही नहीं, कद्दू का सेवन हृदय रोग के जोखिम को भी कम कर सकता है (1)।

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए : प्रेगनेंसी के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी कद्दू का सेवन उपयोगी हो सकता है। कद्दू में बीटा-कैरोटीन और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इन दोनों का मिश्रण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है (1)। इसके साथ ही कद्दू, मधुमेह, हृदय रोग व मोटापे के जोखिम को कम कर इम्यून पावर को बढ़ाने में सहायक हो सकता है (11)।

आंखों के लिए : गर्भवती महिलाओं में आंखों की समस्या होना भी सामान्य है (12)। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान आंखों को स्वस्थ रखने और दृष्टि से संबंधित समस्या से बचाव के लिए कद्दू का सेवन किया जा सकता है। कद्दू में एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट बीटा-कैरोटीन होता है, जो शरीर में जाते ही विटामिन-ए में बदल जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट आंखों को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है (13)।

त्वचा के लिए : गर्भावस्था के दौरान होने वाले हॉर्मोनल बदलावों का असर त्वचा पर भी हो सकता है (9)। ऐसे में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए कद्दू का सेवन किया जा सकता है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन प्राकृतिक तौर पर सनब्लॉक का कार्य कर सकता है और सूरज के हानिकारक किरणों के प्रभाव से बचाव कर सकता है। वहीं, इसमें विटामिन-सी और विटामिन-ई के साथ-साथ ल्यूटिन और जियाजैंथिन भी शामिल है, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकते हैं (1)।

फोलेट का स्रोत : गर्भावस्था के पहले और दौरान फोलेट या फोलिक एसिड युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी है। गर्भावस्था में फोलेट का सेवन होने वाले शिशु में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (रीढ़ और दिमाग संबंधित समस्या) के जोखिम को कम कर सकता है (14)। ऐसे में हमने पहले ही जानकारी दी है कि कद्दू में कुछ मात्रा में फोलेट भी मौजूद होता है (5)। ऐसे में अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ फोलेट युक्त कद्दू का सेवन भी उपयोगी हो सकता है।
चलिए, अब जानते हैं कि क्या प्रेगनेंसी में पंपकिन खाने के कोई नुकसान भी है।

Rutvisha patel

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