जब भी पायलट फाइटर प्लेन उड़ाते हैं तो ये सूट क्यों पहनते हैं? देखिए video

जब भी पायलट फाइटर प्लेन उड़ाते हैं तो ये सूट क्यों पहनते हैं? देखिए video

लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर की उड़ान भरते हुए आपने देखा होगा कि रक्षा मंत्री ने एक खास हरे रंग की ड्रेस पहन रखी थी. उड़ान भरने से पहले इसे क्यों पहना जाता है. आइए जानते हैं. कई बार गौर किया गया है कि जब भी सेना (Army) के जवान फाइटर प्लेन (Fighter Plane) या हेलिकॉप्टर (Helicopter) उड़ाते हैं तो एक खास तरह का हरे रंग सूट पहने हुए होते हैं. आप लोगों के मन में भी सवाल आया होगा कि आखिर ये खास ड्रेस क्यों पहनते हैं. साधारण कपड़े भी तो पहन के उड़ा सकते हैं. दिखने में तो ये सूट साधारण सा लगता है लेकिन पायलट के लिए काफी काम का होता है.

हाल ही में आपने एलसीएच प्रचंड की उड़ान भरते वक्त देखा होगा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक ऐसा ही हरे रंग का सूट पहना हुआ था. पहले तो वो अपने सामान्य कपड़ों में दिखाई दिए लेकिन जब प्रचंड की उड़ान भरने की बारी आई तो उनकी ड्रेस बदल गई. दरअसल इसे जी सूट (G-Suit) और एंटी जी सूट (Anti G-Suit) कहा जाता है. तो आइए जानते हैं कि आखिर ये जी-सूट क्या होता है?

Why Army soldiers wear G suit while flying Plane and helicopter Defence News: जब भी सेना के जवान प्लेन या हेलिकॉप्टर उड़ाते हैं तो ये हरे रंग का सूट क्यों पहनते हैं?

जी-सूट पहने का मकसद

जब कोई पायलट जी-सूट पहनता है कि तो उसका मकदसद होता है कि उड़ान के समय वो अपने खून के बहाव को नियंत्रित रख सके. दरअसल जब फाइटर जेट या कॉम्बैट हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी जाती है तो धरती के गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से शरीर में बदलाव होते हैं. इसे ऐसे समझते हैं… जमीन पर साधारण तौर पर 1जी गुरुत्वाकर्षण का अनुभव होता है. यहां आपको बता दें कि जी (G) गुरुत्वाकर्षण बल को नापने की इकाई है. सामान्य तौर पर एक इंसान 3जी तक का गुरुत्वाकर्षण बल झेल सकता है. वहीं फाइटर क्रू में 4जी से 5जी गुरुत्वाकर्षण बल झेलने की क्षमता होती है. फाइटर पायलट को इतना बल झेलने की एक खास ट्रेनिंग दी जाती है.

लेकिन जब बल इससे भी अधिक हो तो किसी भी फाइटर पायलट के लिए मुश्किल बढ़ जाती है. जी फोर्स ज्यादा होने से खून का बहाव दिल से आगे नहीं हो पाता है. ये भी हो सकता है कि खून सिर्फ पैरों या टखने तक जमा रहे. दिमाग में खून की कमी होने लगती है और बेहोश हो सकते हैं. अब इस सूट की वजह से खून का बहाव दिल से दिमाग तक होता रहता है. जी-सूट पहनने के बाद फाइटर पायलट 9जी या उससे भी अधिक बल झेल सकता है.

गर्मी और पसीने से बचाव

हेलिकॉप्टर और फाइटर जेट्स के इंजन की गर्मी की वजह से अक्सर इनके कॉकपिट का तापमान बढ़ा रहता है. ऐसे में जो भी गर्मी पैदा होती है वो सारी पायलट के अंदर जाती है. हालांकि कॉकपिट का तापमान कम ही रखा जाता है लेकिन अगर तापमान बढ़ा तो ऐसे में ये जी सूट (G-Suit) कारगर साबित होता है और गर्मी से बचाकर रखता है जिससे पायलट थके नहीं. नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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