Mobile चार्जर का वायर इतना छोटा क्यों | Mobile के charger ka wire छोटा क्यों होता हैं। देखिए video

Mobile चार्जर का वायर इतना छोटा क्यों | Mobile के charger ka wire छोटा क्यों होता हैं। देखिए video

आज हम बात करने वाले की आज कल की मोबाइल के साथ chargar का wire (केबल) छोटा क्यों होता हैं। यदि आपने नया फोन लिया होगा या फिर आप के आस पास किसी ने नया फोन लिया होगा तो आपने देखा कि उसके साथ जो चार्जर मिला हैं उस charger ka wire काफी छोटा होगा।

जिससे आपको काफी दिक्कत होती है और गुस्सा भी आता होगा। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगा कि सभी मोबाइल कंपनियां जानबूचकर ऐसा करती हैं। अब आप यह सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों करती हैं मोबाइल कंपनीया। तो आइए देखते हैं कि मोबाइल कंपनियो के charger ka wire छोटा क्यों होता हैं।

Mobile Phone के charger ka wire छोटा क्यों होता हैं।

1.मोबाइल कंपनियां फोन के चार्जर का वायर इसलिए छोटा देती है कि आप अपने फोन को चार्जिंग में लगा कर ज्यादा समय तक यूज़ न कर पाए । क्योंकि फोन चार्जिंग में लगाकर प्रयोग करनेे से फोन की बैटरी जल्दी खराब हो जाती है। और मोबाइल चार्जिंंग में लगाकर यूज़ करने से मोबाइल गर्म भी हो जााता है।

2. फोन चार्ज में लगाकर यूज करने से आपका फोन काफी देरी से चार्ज होता है।

3. कई बार ऐसी खबरेंं आती है कि मोबाइल चार्जिंग मेंं लगा कर यूज करने से मोबाइल फट जाता है।

4. मोबाइल को चार्जिंग में लगा कर यूज करने से फोन की बैटरी बैकअप कम हो जाती है।

चार्जर के वायर छोटा होने का सबसे बड़ा कारण

इसलिए दिया जाता है मोबाइल चार्जर का तार छोटा

मोबाइल फोन के चार्जर का वायर छोटा होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि जब आप अपने फोन को चार्जिंग में लगा कर यूज़ करते हैं तो इससे आपके फोन की बैटरी बैकअप कम हो जाती है और आपका फोन गर्म हो जाता है जिससे आपके फोन की बैटरी कम चलती है तो आप कहते हैं कि मोबाइल फोन बेकार है और फिर आप किसी और कंपनी का फोन खरीदना चाहते हैं जिससे कंपनी की बदनामी होती है और उसको घाटा भी होता है जबकि गलती हमारी ही होती है इसीलिए अब लगभग सभी कंपनियां अपने फोन के चार्जर का वायर छोटा रखती हैं जिससे कंपनी का भी फायदा होता है और यूजर को भी।

पहले फोन के चार्जर का वायर बड़ा क्यों होता था ।

कुछ साल पहले जब आपके पास कीपैड फोन रहा होगा जैसे नोकिया, सैमसंग, फोन के चार्जर का वायर काफी लंबा होता था। जिससे हम फोन को चार्ज में लगा कर कहीं भी अपने आसपास रख देते थे या फिर उसको प्रयोग करते रहते थे उस समय मोबाइल कंपनियों को यह नहीं पता था कि मोबाइल को चार्ज में लगा कर लोग यूज़ करने लगेंगे। इसलिए पहले की मोबाइल कंपनियां चार्ज शेर कब आया करती थी उससे की यूजर को कोई परेशानी ना हो लेकिन जब यूजर फोन को चार्ज में लगाकर प्रयोग करने लगा तो इससे फोन में परेशानी होने लगी तो यूजर फोन की बुराई करने लगा जिसकी वजह से कंपनियों को काफी घाटा होता था। और कस्टमर्स की काफी शिकायतों को सुनना पड़ता था।

पहले सभी कंपनियों के चार्जिंग पिन की डिजाइन अलग-अलग क्यो होती थी।

शुरू शुरू में जब मोबाइल फोन मार्केट में आया तब उस समय सभी कंपनियों का अपना अलग-अलग चार्जर पिन था। क्योंकि उस समय सभी मोबाइल कंपनियां अपने आप को देख कर काम करती थी। और उस समय सभी ने अपने हिसाब से जिनको जो अच्छा लगा वैसा पिन डिजाइन किया।

हर कंपनी का अलग-अलग चार्जिंग पिन रखने का अपना एक मकसद यह भी था कि एक बार जब आप किसी कंपनी का फोन ले और चार्जर खराब हो जाए तो फिर उसी कंपनी का चार्जर लेना पड़े। क्योंकि किसी और कंपनी का चार्जर आप उस फोन में लगा ही नहीं सकते है।

अब C type charger क्यो आते है। Type C charger के फायदे।

जब B type के चार्जर आते थे तो पिन को सीधा इंसर्ट करने पर ही फोन चार्ज होता था कई बार ऐसा होता था कि यदि आपने पिन उल्टा लगा दिया तो फोन का पिन खराब हो जाता है। जिसकी वजह से काफी परेशानी होती थी। इसलिए अब type C प्रकार के चार्ज पिन आते है इसमें उल्टा सीधा का कोई चक्कर ही नहीं है चाहे जैसे भी लगा सकते हैं। जिससे ना फोन में कोई दिक्कत होती है और न ही लगाने वाले को लगाने में कोई दिक्कत।

अब लगभग सभी कंपनियों के चार्जिंग पिन एक जैसे होते हैं क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता हैं। या ये कंपनीया ऐसा क्यों करती हैं। पहले जब हर किसी के पास अलग अलग कंपनी का फोन होता था तो यदि कोई कहीं जाता था तो उसे अपने साथ अपना चार्जर लेके जाना पड़ता था यदि नहीं ले जा पाता था तो उसे अपना फोन चार्ज करने में काफी परेशानी होती थी। और ये परेशानी हर कंपनी के यूजर को होती थी। जिसकी वजह से सभी कंपनियां एक जैसा चार्जर पिन बनाने लगी। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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