पहाड़ों में अकेले हाइकिंग करते वक्त बेहद ज़रूरी है इन बातों का ध्यान रखना

पहाड़ों में अकेले हाइकिंग करते वक्त बेहद ज़रूरी है इन बातों का ध्यान रखना

प्रकृति के खूबसूरत नजारों का करीब से दीदार करने के लिए हाइकिंग सबसे बेस्ट ऑप्शन ऑप्शन है। एडवेंचर के शौकीन तो किसी भी ट्रिप में ट्रैकिंग और हाइकिंग का मौका मिस नहीं करते। जहां कुछ लोग इस एडवेंचर को ग्रूप में बातचीत करते हुए करना पसंद करते हैं तो वहीं कुछ लोग अकेले। हाइकिंग करने का एक मुख्य उद्देश्य प्रकृति के करीब जाना है। अकेले हाइकिंग का आइडिया बहुत एक्साइटिंग तो लगता है लेकिन इसके अपने रिस्क भी हैं और उनसे निपटने की पूरी तैयारी करना बेहद जरूरी है। अगर आपने भी अकेले हाइकिंग करने का सोच लिया है तो एक नजर नीचे दिए गए चेकलिस्ट को पर डाल लें कि इसके लिए किन-किन बातों का ध्यान रखना है।

1. लोकेशन के बारे में अच्छी तरह पता कर लें

यदि आपको पहले से हाइकिंग का एक्सपीरियंस है तो इसके अलग-अलग लोकेशन की कठिनाइयों का भी पता होगा। लेकिन अगर आप पहली बार हाइकिंग पर जा रहे हैं और वह भी अकेले, तो लोकेशन के बारे में पूरा रिसर्च बहुत जरूरी है। आपको स्थानीय लोगों, हाइकिंग के रास्तों और इमरजेंसी सेवाओं, मौसम आदि के बारे में अच्छी जानकारी चाहिए। इस तरह आप अकेले हाइकिंग के लिए पूरी तरह तैयार और सुरक्षित होंगे और आपका अनुभव मजेदार होगा।

2. जरूरी सामान पैक कर लें

हाइकिंग के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक जरूरत के एक-एक सामान की चेकलिस्ट बनाना है। एक अकेले हाइकर को खुद खाना बनाना, टेंट लगाना और सभी सामानों की व्यवस्था करनी होती है इसलिए सभी चीजें पैक करना जरूरी है। और हां, यह भी ध्यान रखें कि बैग ज्यादा भारी ना हो जाए।

बैग में जरूर रखें ये सामान

● अपना टेंट

● स्लीपिंग बैग

● खाने की चीजें

● खाना पकाने के लिए गैस

● कम्पस/नेविगेटर

● टाॅर्च

3. मौसम में होने वाले बदलावों के लिए रहें तैयार

हाइकिंग काफी कठिन हो जाता है अगर मौसम अचानक बदल जाए, जो अक्सर देखा जाता है। तेज धूप से लेकर बरसात तक, बेहद ठंड या फिर झुलसाने वाली गर्मी पड़ सकती है। इसलिए याद से थर्मल कोट, जैकेट और रेनकोट पैक कर लें और कठिन से कठिन मौसम के लिए तैयार रहें।

4. लोकल गाइड साथ लें

अक्सर सोलो हाइकर लोकल गाइड साथ कर लेते हैं। इससे भटकने का डर नहीं रहता और सफर आसान हो जाता है। गाइड चोरी या अन्य मुसीबत से भी बचाता है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि गाइड भरोसेमंद हो। इसलिए लोकल लोगों या फिर पहले हाइकिंग कर चुके/अनुभवी लोगों से गाइड का अता-पता जान लें।

5. शरीर स्वस्थ और मनोबल ऊंचा हो

अकेले हाइकिंग करने के लिए यह जरूरी है कि हेल्दी हो और हर सिचुएशन का सामना करने के लिए तैयार भी। इसलिए हाइकिंग से 3-4 महीने पहले इसकी तैयारी शुरू कर दें जिससे सफर आसान हो जाएगा। महिला सोलो हाइकर के लिए स्वास्थ्य संबंधी चुनौती बढ़ जाती है क्योंकि हाइकिंग के दौरान माहवारी की अनियमितता बढ़ने का खतरा रहता है। इसलिए जबरदस्त तैयारी के साथ हाइकिंग पर जाएं और अपने एक्सपीरियंस को यादगार बनाएं।

Rutvisha patel

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