मोदी सरकार की इस परियोजना से क्या चार धाम यात्रा होगी आसान?

मोदी सरकार की इस परियोजना से क्या चार धाम यात्रा होगी आसान?

देहरादून

चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देहरादून में चारधाम महामार्ग विकास परियोजना का शुभारंभ किया। इसे पीएम मोदी की तरफ से चारधाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को तोहफा माना जा रहा है। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने के बाद चारधाम की यात्रा न सिर्फ आसान होगी बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

ऋषिकेश से शुरू होने वाला यह प्रॉजेक्ट केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री तक जाएगा। इस आॅल वेदर रोड को चार धाम की परियोजना के तहत शुरू किया जाएगा, जो कि चारों धाम को एकसाथ जोड़ने का काम करेगी। इसके साथ ही राज्य के पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा।

Char Dham Project in Hindi- मोदी सरकार की चार धाम परियोजना के लाभ

इस प्रॉजेक्ट के तहत कुल 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण होगा। चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रियों के लिए कुल 18 सुविध केंद्र खोले जाएंगे। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर 154 बस स्टैंड भी बनाए जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के मुताबिक, इससे तीर्थयात्रियों को चिंतामुक्त होकर देव दर्शन का लाभ मिलेगा।

इस प्रॉजेक्ट के तहत 900 किलोमीटर लंबी शानदर सड़क बनाई जाएगी। इस राजमार्ग में 13 बाईपास, 2 सुरंगें, 25 बड़े ब्रिज, 132 छोटे पुल और तीन फ्लाईओवरों का निर्माण होगा। चारधाम राजमार्ग का न्यूनतम 10 मीटर चौड़ीकरण होगा। यह राजमार्ग पूरे 900 किलोमीटर तक टू-लेन होगा, जिसकी न्यूनतम चौड़ाई दस मीटर होगी। यह महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है। अब तक इस प्रॉजेक्ट के तहत तीन हजार करोड़ रुपये की कुल 17 परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी भी की जा चुकी हैं।

पहला हाइवे:

इस परियोजना के तहत जो पहला हाइवे बनेगा वह ऋषिकेश से शुरू होगा और रुद्रप्रयाग तक जाएगा। रुद्रप्रयाग से आगे बद्रीनाथ तक एक रास्ता जाएगा जो दूसरा गौरीकुंड होते हुए केदारनाथ जाएगा। इसको बनाने में कुल 4784 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

दूसरा हाइवेः

दूसरा हाइवे ऋषिकेश से शुरू होगा और धारासू तक पहुंचेगा। उसके बाद धारासू से आगे बढ़ता हुआ एक रास्ता गंगा की उद्गम स्थली गंगोत्री तक पहुंचेगा और दूसरा यमुना के उद्गम स्थान यमुनोत्री तक पहुंचेगा। इस हाइवे को बनाने में कुल 5626.5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

तीसरा हाइवेः

तीसरा हाइवे टनकपुर से पिथौरागढ़ तक पहुंचेगा। यह नैशनल हाइवे नंबर 125 होगा। इसे बनाने में कुल 1557 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन राष्ट्रीय राजमार्गों के बनने के बाद सिखों के धर्म स्थल हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आॅली जैसी जगहों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।

इन सभी राजमार्गों के दोनों ओर पैदल पट्टी होगी। बारिश के मौसम में भू-स्खलन से बचने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। चारधाम महामार्ग परियोजना के रास्ते में जगह-जगह मोटल, रेस्तरां के अलावा गाड़ियों की पार्किंग का भी बंदोबस्त होगा। हादसों के दौरान लोगों को हेलिकॉप्टर से निकालने के लिए जगह—जगह हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। सुरंगों और छोटे रास्तों के जरिए चारों धाम के बीच की दूरी निर्माण पूरा होने के बाद 813 से घटकर 389 किलोमीटर रह जाएगी। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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