Military के Collar में Pin क्यों ? इस वजह से लगाई जाती है l देखिए video

Military के Collar में Pin क्यों ? इस वजह से लगाई जाती है l देखिए video

अक्सर भारतीय सेना और चीन की सेना के बीच हथियारों से जुड़े तथ्य इंटरनेट पर शेयर किए जाते हैं. आप चीनी की सेना के हथियार, उनके सैनिकों की संख्या आदि के बारे में बहुत कुछ जानते होंगे, लेकिन क्या आप चीन के सैनिकों की ट्रेनिंग में यूज होने वाली एक पिन के बारे में जानते हैं. ये पिन सैनिकों की वर्दी की कॉलर में लगाई जाती है. तो जानते हैं कि ये पिन क्यों लगाई जाती है…

अक्सर भारतीय सेना और चीन की सेना के बीच हथियारों से जुड़े तथ्य इंटरनेट पर शेयर किए जाते हैं. आप चीनी की सेना के हथियार, उनके सैनिकों की संख्या आदि के बारे में बहुत कुछ जानते होंगे, लेकिन क्या आप चीन के सैनिकों की ट्रेनिंग में यूज होने वाली एक पिन के बारे में जानते हैं. ये पिन सैनिकों की वर्दी की कॉलर में लगाई जाती है. तो जानते हैं कि ये पिन क्यों लगाई जाती है...

ये तो आप जानते हैं कि किसी भी देश की सेना हो, उसके सैनिकों को अपने चलने, फिरने या फिर खड़े रहने के तरीके पर खास ध्यान देना होता है. उन्हें सीना तान कर, गर्दन सीधे रखकर और हाथ को एकदम स्ट्रेट रखकर खड़ा होना पड़ता है, ऐसा ही कुछ चीन की सेना के साथ है.

ये तो आप जानते हैं कि किसी भी देश की सेना हो, उसके सैनिकों को अपने चलने, फिरने या फिर खड़े रहने के तरीके पर खास ध्यान देना होता है. उन्हें सीना तान कर, गर्दन सीधे रखकर और हाथ को एकदम स्ट्रेट रखकर खड़ा होना पड़ता है, ऐसा ही कुछ चीन की सेना के साथ है.

ऐसे में गर्दन के पॉश्चर को सीधा रखने के लिए पिन का इस्तेमाल किया जाता है. पिन के इस्तेमाल से लोगों को गर्दन सीधा रखने के लिए फोर्स किया जाता है.

दरअसल, पिन को कॉलर में इस तरह से लगाया जाता है कि अगर सैनिक की गर्दन नीचे हो जाए तो यह पिन चुभती है. इस स्थिति में सैनिक को गर्दन हमेशा सीधी ही रखनी पड़ती है और ये आदत बनाने के लिए पिन का इस्तेमाल किया जाता है.

ऐसे में गर्दन के पॉश्चर को सीधा रखने के लिए पिन का इस्तेमाल किया जाता है. पिन के इस्तेमाल से लोगों को गर्दन सीधा रखने के लिए फोर्स किया जाता है.

बता दें कि ये हर सैनिक के लिए नहीं होता है. इनका इस्तेमाल उन सैनिकों से करवाया जाता है, जिनकी गर्दन सीधी नहीं रहती है और उनके पॉश्चर को ठीक करने के लिए इसका इस्तेमाल होता है.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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