Micro Usb की जगह Usb Type C क्यों आने लगे ? | देखिए video

Micro Usb की जगह Usb Type C क्यों आने लगे ? | देखिए video

हमने पिछले कुछ समय में देखा है कि कई बड़े स्मार्टफोंस ब्रांड्स में एक लम्बी छलांग लगाकर Micro USB को कहीं पीछे छोड़ दिया है, और एक नई तकनीकी को बड़े पैमाने पर अपनाना शुरू कर दिया है, जिसे हम USB Type C नाम से जानते हैं। अगर मैं आपको आसान शब्दों में समझाने की कोशिश करूं तो कहा जा सकता है कि, आज हम जिसे Type B माइक्रो USB पोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, आपको आपके फोन में भी यह मिल जाएगा। अब यहाँ सवाल उठता है कि आखिर यह हैं क्या आखिर माइक्रो USB है क्या और एक Type C पोर्ट है क्या? क्या आप इनके बारे में जानते हैं, क्या आप इनके बीच के अंतर को जानते हैं, क्या आप इनके कामों के बीच में अंतर जानते हैं? ऐसे न जाने कई सवाल मेरे जहन में थे, जो आप मैं आपके साथ भी साझा करने वाला हूँ। आइये सबसे पहले जानते हैं कि आखिर Type C Port है क्या? और इसके क्या प्रमुझ काम हैं, जो एक Micro USB पोर्ट नहीं कर सकता है।

USB Type C असल USB तकनीकी पर आधारित है, और इसके कारण ही यह काफी अलग और साउंड में मामले में बढ़िया कही जा सकती है। इसके अलावा इसे आज के युग की तकनीक कहा जा सकता है। जैस कि हम सा भी जानते हैं कि USB Type C रीवर्सिबल होता है, यानी इसे दोनों और से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालाँकि इनमें कुछ अन्य बदलाव भी होते हैं, जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। हालाँकि इससे पहले की हम आगे बढे आइये एक बार नजर डाल लेते हैं कि आखिर यह USB ढांचा है क्या?

पूरा USB स्टैण्डर्ड

samsung-galaxy-s7-silver-micro-usb

अगर हम USB की चर्चा करें तो इसे Universal Serial Bus कहा जाता है, इसे 1994 में कुछ कंपनियों ने मिलकर तैयार किया था। और ऐसा इसलिए किया गया था, ताकि डिवाइस के बीच कनेक्शन केबल्स को और यूनीफाई किया जा सके। इसके अलावा इसके पीछे एक कारण यह भी था कि एक ही केबल से फोन को चार्ज किया जा सके और उसी केबल से डाटा को भी ट्रांसफर किया जा सके। आपको बता दें कि अब USB की कई पीढ़ी को बाजार में लाया जा चुका है, अगर मैं सबसे पहले से शुरुआत करूं तो आपको बता देता हूँ कि USB 1.0 (इसके बाद USB 1.1), USB 2.0 (इसे दुनियाभर में आज भी सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है), USB 3.0 और आजकल सामने आये USB 3.1 (इनके पोर्ट्स मुझी तौर पर नील रंग के होते हैं), USB 3.1 इसके माध्यम से डाटा की स्पीड लगभग 10Gbps तक चली जाती है, और अगर हम इसकी तुलना 3.0 से करें तो इसमें यह स्पीड महज 5Gbps ही है। आपको बता दें कि सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले USB 2.0 की क्लॉक स्पीड 480Mbps है। हालाँकि इसमें USB 1.0 के महज 12Mbps के मुकाबले काफी सुधार सामने आया था। इस पैटर्न को ही हम USB A, B, और C नाम से भी जानते हैं।

यहाँ आपको यह भी बता कि Type A स्टैण्डर्ड जो रेक्टंगुलर शेप में आते हैं, ऐसे USB को लैपटॉप, चार्जर हेड, प्रिंटर आदि से कनेक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा दूसरा Micro USB 2.0 कहलाता है। यह एक रीवर्सिबल केबल नहीं होते है, इसके लिए इसे एक ही और से फोन से जोड़ा जा सकता है। हालाँकि ज्यादा लोग इस बात को जानते हैं कि महज दो ही तरह के USB होते हैं, हालाँकि यह तीन तरह के होते हैं, क्योंकि सैमसंग जैसे बड़े ब्रांड अपने स्मार्टफोंस को USB 3।0 सपोर्ट के साथ लॉन्च करते हैं।

honor 8 usb type c

USB Type C

अगर पहली नजर की बात करें तो type C आमतौर पर देखने में Micro USB से काफी बड़े लगते हैं। हालाँकि ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि यह रीवर्सिबल होता है, और इसे दोनों ही ओर से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके माध्यम से आप फोन में डाटा ट्रांसफर को एक नई ही स्पीड में यानी काफी तेजी से किया जा सकता है। इसके माध्यम से आपको लगभग 100W का पॉवर मिलता है, जिसके माध्यम से आप एक लैपटॉप को भी चार्ज कर सकते हैं। और भी अन्य कई डिवाइस आप इसके माध्यम से चार्ज कर सकते हैं।

आखिर में आपको बता दें कि USB Type C को इस तरह से डिजाईन किया गया है, या इस चीज़ को ध्यान में रखकर डिजाईन किया गया है ताकि आप इसके माध्यम से किसी भी अन्य डिवाइस को जोड़ सकते हैं, यानी ‘एक साइज़ फिट ऑल’ वाली बात यहाँ सामने आती है। इसके द्वारा आप अपने स्मार्टफोन, गेम कंट्रोलर्स, HDMI, कैमरा, लैपटॉप, प्रिंटर्स, स्कैनर्स आदि डिवाइस के साथ काम कर सकते हैं। इसके अलावा अगर हम बात करें Micro USB की तो इसके द्वारा आप आप एक समय में अपने फोन को चार्ज भी कर सकते हैं, उसमे म्यूजिक आदि का आनंद भी ले सकते हैं, और अन्य कई चीज़े भी कर सकते हैं, साथ ही आप किसी भी अन्य चार्जर से अपने फोन को चार्ज भी कर सकते हैं।

xiaomi keyboard microusb

हालाँकि Type C में ऐसा कुछ नहीं किया जा सकता है, अगर आप अपने फोन को चार्जिंग पर लगाने के साथ उसमें म्यूजिक आदिस का आनंद लेना चाहते हैं तो आप ऐसा भी नहीं कर सकते हैं,। क्योंकि आपके पास एक ही केबल है, इसे चार्ज, म्यूजिक और आदि कामों के लिए। मान लीजिये अगर सफ़र में कहीं आपके फोन की चार्जिंग ख़त्म हो जाती है, और आपके पास इस समय पॉवर बैंक भी मौजूद है, हालाँकि आप USB Type C वबले को अपने साथ्ब लाना भूल गए हैं तो इसके अभाव में आप अपने फोन को चार्ज कर ही नहीं पाएंगे, क्योंकि अगर आपके पास में बैठे व्यक्ति के पास Micro USB पोर्ट हुआ तो उसकी केबल आप इस्तेमाल ही नहीं कर सकते हैं।

हालाँकि धीरे धीरे ऐसा देखा जा रहा है कि कंपनियां धीरे धीरे Type C की ओर जा रही हैं, और बाजार से लेकर मिड-रेंज और मिड-रेंज से लेकर फ्लैगशिप फोंस तक सभी ब्रांड अपने फोंस में इस फीचर को शामिल कर रहे हैं, इसके अलावा 3.5mm के ऑडियो जैक को भी फोंस से धीरे धीरे हटाया जा रहा है। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *