मच्छर के काटने से खुजली और सूजन क्यों होती है ? क्या मच्छर विषैला होता है? देखिए video

मच्छर के काटने से खुजली और सूजन क्यों होती है ? क्या मच्छर विषैला होता है? देखिए video

मच्छर काटने के बाद उस जगह पर खुजली क्यों होने लगती है? आपने कभी गौर किया है? ये तो तय है कि मच्छर काटने के साथ ही जरूर कोई पदार्थ हमारी शरीर में छोड़ता है, जिससे रिएक्शन होता है और खुजली शुरू हो जाती है. किसी-किसी को दाने हो जाते हैं या लाल रंग के निशान पड़ जाते हैं. खुजली जैसी समस्या इसलिए होती है क्योंकि मच्छर के काटते ही हमारा शरीर तुरंत रिएक्ट करता है और उसी का नतीजा हमें खुजली, दाने या धब्बे के रूप में दिखता है.

दरअसल, मच्छर जब हमें काटता है तो शरीर में अपना लार छोड़ता है. शरीर का अपना इम्युन सिस्टम होता है जो किसी भी बाहरी पदार्थ पर तुरंत रिएक्ट करता है, यानी अपनी प्रतिक्रिया देता है. यही हाल मच्छर के लार के साथ भी होता है. शरीर मच्छर के लार को ऐसे केमिकल की तरह लेता है जो शरीर के लिए जरूरी नहीं. यह शरीर के लिए विष का काम करता है. शरीर का इम्युन सिस्टम इसे तुरंत बाहर निकालने का फैसला करता है. इसके लिए इम्युन सिस्टम का एक संकेत दिमाग को जाता है जिससे तुरंत शरीर में केमिकल रिएक्शन होता है और मच्छर के काटने वाली जगह पर खुजली होने लगती है.

ये केमिकल है वजह

मच्छर के काटने के बाद शरीर में खुजली क्यों शुरू हो जाती है? क्या मच्छर विषैला होता है?

मच्छर mosquito काटने की जगह पर सूजन हो जाती है जो हिस्टामीन के कारण होता है. हिस्टामीन एक केमिकल होता है जिसे इम्युन सिस्टम पैदा करता है. खून में जैसे-जैसे हिस्टामीन की मात्रा बढ़ती है, वैसे ही काटने वाली जगह के आसपास व्हाइट ब्लड सेल की मात्रा बढ़ जाती है. इसी वजह से सूजन या खुजली की समस्या देखी जाती है. ऐसा हो सकता है कि अगर किसी को मच्छर ने पहली बार काटा तो उसमें कोई रिएक्शन न दिखे. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर का इम्युन सिस्टम किसी बाहरी केमिकल को लेकर पहले से तैयार नहीं होता. या यूं कहें कि इम्युन सिस्टम की ऐसे किसी केमिकल से पहचान नहीं हुई होती. जैसे-जैसे मच्छर काटते जाते हैं, इम्युन सिस्टम उसे समझता जाता है और उसी के हिसाब से रिएक्शन देता है.

कुछ लोगों को खुजली नहीं होती

कई लोग ऐसे भी होते हैं जो मच्छर के काटने पर रिएक्ट नहीं करते. उनके शरीर में खुजली या दाने नहीं होते. ऐसे लोग मच्छरों के लार को आसानी से झेल लेते हैं या लार का असर बर्दाश्त करने में सक्षम होते हैं. कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें एक बार भी मच्छर ने काट लिया तो उन्हें घंटों तक खुजली होती है क्योंकि उनके शरीर में बहुत बड़ा रिएक्शन होता है.

क्यों काटते हैं मच्छर

मच्छर इंसानों को इसलिए काटते हैं क्योंकि उन्हें खून पीना होता है. मादा मच्छर इसलिए काटती है क्योंकि उसे अपने शरीर में अंडे बनाने के लिए इंसानी खून में मौजूद पोषक तत्व चाहिए होते हैं. इसलिए केवल मादा मच्छर ही इंसानों को काटती हैं. मादा मच्छर का मुंब स्ट्रॉ की तरह होता है जिसे अंग्रेजी में proboscis कहते हैं. इसी प्रोबोसिस से मच्छर त्वचा में चुभन करता है. मादा मच्छर जब काटती है तो वह त्वचा के नीचे खून की नलियों को ढूंढ लेती है और वहां से खून चूसती है. इसी क्रम में मादा मच्छर खून में अपना लार छोड़ती है जिसमें एंटीकॉगलेंट होता है जो हमारे खून को थक्का बनने से रोकता है. लार का एंटीकॉगलेंट खून का थक्का नहीं बनने देता जिससे मच्छर को खून पीने में आसानी होती है.

खुजली करने के नुकसान

इसके बाद तुरंत खुजली मचती है जो काफी परेशान करने वाली तकलीफदेह होती है. हम जितनी खुजली करते हैं, समस्या उतनी बढ़ती जाती है. अगर यह काम देर तक चलता रहा तो उस जगह पर संक्रमण हो सकता है. इससे त्वचा फट सकती है या उससे खून आ सकता है. इससे संक्रमण और फैलने का डर होता है और आगे चलकर इसमें और भी खुजली हो सकती है. इससे बचने का यही उपाय है कि मच्छर काटने वाली जगह पर खुजली न करें. केमिकल रिएक्शन के असर को कम करने के लिए उस जगह को हल्का सहला सकते हैं जिससे कि तुरंत राहत मिलेगी.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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