लड़की हवाई जहाज से गिर गयी फिर 11 दिन जंगले में रही l

लड़की हवाई जहाज से गिर गयी फिर 11 दिन जंगले में रही l

17 साल की जुलियाना मार्गरेट केपके जो हवाई जहाज से 10 हजार फीट नीचे गिर गई थी। लेकिन आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी जाको राखे साइयाँ, मार सके ना कोई…जी हाँ यह कहावत जुलियाना पर बिलकुल ठीक बैठती है….जुलियाना पेरू की छात्रा थी उनकी माँ लाइमा शहर में काम करती थी और उनके पिता एमेजन रेन फॉरेस्ट में वाइलड लाइफ पर रिर्सच करते थे.. जुलियाना जल्द ही अपने पिता के पास रिर्सच के लिए जाना चाहती थी।

लेकिन 23 दिसंबर को जुलियाना के स्कूल में सेरेमनी थी और वह अपने स्कूल इस आखिरी दिन को सेलिब्रेट करना चाहती थी। इसलिए जुलियाना अपनी माँ के साथ अगले ही दिन 24 दिसंबर को पेरु के लिए रवाना हो गई। लेकिन 25 दिसंबर को क्रिसमिस था जिसके कारण सारी फ्लाईट्स बुक थी…ऐसे में जुलियाना और उसकी माँ के सामने सिर्फ एक विकल्प था और वह विकल्प था LANSA Airline, लेकिन LANSA Airline की उस समय स्थिति ठीक नहीं थी क्योंकि LANSA Airline के इससे पहले 2 हवाई जहाज क्रैश हो गए थे और लोग उस पर कम विश्वास कम करने लग गए थे…

लेकिन जुलियाना अपने पिता से मिलने के बहुत बैचेन थी। इसलिए जुलियाना ने इस हवाई जहाज में जाने का फैसला लिया। ये बात जब जुलियाना के पिता को पता चली तो उन्होंने भी जुलियाना को ना जाने की सलाह दी। लेकिन जुलियाना ने पिता की बात को नजरअंदाज किया और LANSA की फ्लाईट नंबर 508 को बुक करवाया। वहीं जब सुबह LANSA उड़ान भरने के लिए तैयार हो रही थी तो मौसम अचानक बहुत खराब हो गया जिस वजह से फ्लाईट को कुछ घंटों के लिए रुकना पड़ा और दोपहर होते ही जैसे मौसम साफ हुआ तो LANSA ने उड़ान भरी।

कुछ समय तक सब कुछ साफ रहा लेकिन कुछ समय पश्चात फिर से मौसम खराब हो गया और फ्लाइट के आगे काले बादल छा गए। ऐसे खराब मौसम में पाइलट ने प्लेन को रोकना मुनासिब नहीं समझा वहीं एक ओर उनपर अपनी स्थिति को सुधारने का प्रेशर भी था इसलिए वे अपनी जगह समय से पहुंचना चाहते थे। लेकिन मौसम बेहद खराब होने के कारण विमान के सामने अंधेरा झा गया और अचानक बिजली का झटका विमान से टकरा गया, यह बिजली उस तरफ गिरी जिस तरफ जुलियाना बैठी हुई थी। इस समय LANSA एमेजन के जंगल के ऊपर था।LANSA के wings में बिजली गिरने से वह पुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और प्लेन से टूट कर वह अलग हो गया।

जुलियाना को अब नीचे सिर्फ घने जगंल और सामने काले बादल दिखाई दे रहे थे। फिर जुलियाना अचानक 10 हजार फीट की ऊचाई से गिर गई और सीट बैलट लगे होने के कारण वह कुर्सी पर सुरक्षित रही और डर की वजह से वह हवा में ही बेहोश हो गई और वह जुलियाना की कुर्सी जंगल में पत्तों के ढेर पर गिरी। जुलियाना केपके इस उड़ान के दौरान दुर्घटना से बचने वाले एकमात्र यात्री थी। जंगल में गिरने के 24 घंटे के बाद जुलियाना को होश आया और उसने देखा कि वह एक बहुत बड़े जंगल में फस गई है। उसने वहां से निकली की सोची लेकिन जुलियाना को दूर-दूर तक कोई रास्ता नहीं दिखाई दिया। एमेजन का जंगल घना होने के कारण अधिक डरावना लग रहा था।

वहां कीड़े मकौड़े जानवर आना आम बात थी ऐसे में जुलियाना को वहां सरवाइव करना था। ऐसे में जुलियाना ने हिम्मत नहीं हारी और वह अपनी मंजिल की तलाश में जुट गई। लेकिन जुलियाना को रास्ता नहीं मिला एमेजन का जंगल अधिक घना था जिस कारण जुलियाना को ढुंढ पाना बेहद मुश्किल था। ऐसे समय पर जुलियाना को याद आया कि उसके पापा ने उसे कहा था कि अगर कभी आप जंगल में खो जाओ तो वहां से बाहर निकलने का एक मात्र सहारा पानी है। उनकी इस बात को ध्यान में रखते हुए जुलियाना ने पानी ढुंढना शुरु किया।

काफी समय बाद जुलियाना को पानी दिखा जिससे उसके मन में उम्मीद जागी लेकिन वहां कोई इंसान नहीं मिला। जिस वजह से वह निराश हो गई लेकिन उसने हिम्मत नहीं छोड़ी और वह आगे बड़ी जिसके बाद उसको एक नदी मिली इसके बाद वह इस नदी में कभी तैर कर तो कभी नदी के किनारे से चलकर रास्ता ढूंढती रही। जंगल में इतने दिन होने के कारण जुलियाना को काफी घाव पड़े। जंगल में कीड़े मकौड़े होने के कारण उसके घाव में कीड़े भी घुस गए जिस का दर्द जुलियाना को सहन करना पड़ा। नदी किनारे चलते-चलते जुलियाना को एक वोट दिखी लेकिन जब वह उस वोट के पास गई तो वहां कोई नहीं मिला।

लेकिन फिर उसे पास में एक झोपड़ी दिखी उसके अंदर भी कोई नहीं था जिस देख जुलियाना निराश हो गई और फिर उसने वहां अपने घाव से कीड़े निकाले और रातभर वहां रही। सुबह होते ही उससे किसी की आवाज सुनाई दी उसने देखा कि वहां कोई लकड़ी काट रहा है। फिर उसने उन लकड़हारों से मदद ली जिनकी मदद से जुलियाना को अस्पताल पहुंचाया गया। इस तरह एमेजन के जंगलों में 9 दिन बिताने के बाद जुलियाना 10 दिन अस्पताल पहुंची। हादसे के बाद जुलियाना घर तो वापस पहुंच गई लेकिन इस हादसे में उसने अपनी माँ को खो दिया। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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