आखिर क्यों हुआ ऐसा चंडीगढ़ विश्वविद्यालय वायरल! देखिए video

आखिर क्यों हुआ ऐसा चंडीगढ़ विश्वविद्यालय वायरल! देखिए video

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में लड़कियों के वीडियो लीक होने के मामले में बवाल मचा है. पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन कर दिया है. उधर, स्थानीय कोर्ट ने MBA छात्रा समेत तीनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. MBA छात्रा गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम से अन्य लड़कियों के वीडियो बनाती थी. फिर इन्हें अपने दो दोस्तों के साथ शेयर करती थी. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी MBA छात्रा को ऐसा करने के लिए ब्लैकमेल कर रहे थे. आईए जानते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है और अब तक क्या क्या हुआ?

वीडियो बनाते 6 लड़कियों ने पकड़ा

आरोप है कि MBA की एक छात्रा गर्ल्स हॉस्टल में अन्य लड़कियों के नहाते हुए वीडियो बनाती थी. फिर वह उसे अपने दोस्तों के पास भेजती थी. लड़की का कहना है कि वह ऐसा लड़कों के कहने पर करती थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सनी मेहता और उसका दोस्त रंकज वर्मा MBA स्टूडेंट को ब्लैकमेल कर रहे थे कि वे उसका प्राइवेट वीडियो वायरल कर देंगे. ये वीडियो खुद MBA स्टूडेंट ने सनी मेहता के कहने पर उसे भेजा था. दोनों आरोपी MBA स्टूडेंट पर दबाव डाल रहे थे कि वह अन्य लड़कियों के वीडियो बनाकर उन्हें भेजें, नहीं तो वे उसका वीडियो वायरल कर देंगे.

बाथरूम में वीडियोशूट

आरोपियों के कहने पर MBA की छात्रा ने दूसरी लड़कियों के नहाते हुए वीडियो बनाकर भेजने शुरू कर दिए. एक दिन जब MBA स्टूडेंट वीडियो बना रही थी, तो उसे 6 लड़कियों ने ऐसा करते देख लिया. इसके बाद लड़कियों ने उससे पूछा कि वह वीडियो क्यों बना रही है? इसके बाद MBA की छात्रा ने दावा किया था कि उसने दबाव में वीडियो बनाए थे, लेकिन बाद में डिलीट कर दिए. बाद में उसने बताया कि उसे लड़कों ने ऐसा करने के लिए कहा था. हालांकि, शुरुआत में उसने कहा कि वह उसे लड़के को नहीं जानती. बाद में उसने सनी मेहता की फोटो दिखाई, जो शिमला में अपनी बेकरी चलाता है. इन 6 लड़कियों ने पहले इस मामले को वॉर्डन राजविंदर कौर, फिर हॉस्टल की मैनेजर के पास उठाया.

छात्रा के फोन से 12 से ज्यादा वीडियो मिले

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों यानी छात्रा उसका बॉयफ्रेंड सनी मेहता और उसका दोस्त रंकज वर्मा से शुरुआती पूछताछ में कई तथ्य हाथ लगे हैं. पुलिस ने छात्रा के मोबाइल से एक दर्जन से ज्यादा वीडियो रिकवर कर लिए हैं लेकिन वह सभी वीडियो उसके अपने हैं. पुलिस ने व्हाट्सएप चैट ट्रांसक्रिप्शन भी हासिल की है. इसके मुताबिक, छात्रा एक और फोन नंबर पर किसी मोहित से बात कर रही थी. वह उसे फोटो और वीडियो डिलीट करने के लिए कह रहा था. आरोपी छात्रा बता रही थी कि उसने उसे मरवा दिया था, क्योंकि एक छात्रा ने उसे एक नहाती हुई छात्रा की फोटो लेते हुए देख लिया था. वहीं, आरोपियों के वकील और पुलिस ने छात्रा के मोबाइल फोन में एक अन्य छात्रा की फोटो होने की बात कही है लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई है.

फॉरेंसिक जांच से खुलेंगे राज

पुलिस ने इस मामले में सबसे पहले MBA स्टूडेंट को गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसके कथित बॉयफ्रेंड को शिमला से गिरफ्तार किया गया. वहीं, रविवार शाम को तीसरे आरोपी को भी हिमाचल से ही गिरफ्तार किया गया. पंजाब पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया. चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में छात्राओं की शिकायत पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एसआईटी का गठन किया है. इसमें तीनों महिला अधिकारी हैं.

क्या मामला दबा रही थी पुलिस-यूनिवर्सिटी?

आरोप है कि शुरुआत में पुलिस और यूनिवर्सिटी की ओर से सही कार्रवाई नहीं की गई. पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि MBA छात्रा ने सिर्फ अपना वीडियो बॉयफ्रेंड को भेजा है. न ही छात्रा के फोन में कोई अन्य आपत्तिजनक वीडियो मिला है. यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने उन रिपोर्ट्स को झूठा और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि सोशल मीडिया पर नहाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद कुछ छात्राओं ने आत्महत्या की कोशिश की थी. इसके बाद स्टूडेंट्स ने बडे़ स्तर पर यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन किए. सोमवार को पुलिस ने उचित जांच का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन खत्म किए गए.

चंडीगढ़ लीक मामले में अब तक क्या क्या हुआ?

– 17 सितंबर को 6 लड़कियों ने हॉस्टल वॉर्डन से वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर शिकायत की.
– हॉस्टल वॉर्डन ने फोन पर इसकी शिकायत हॉस्टल मैनेजर से की. मैनेजर ने आरोपी लड़की समेत सभी को बुलाया.
– हॉस्टल मैनेजर ने 17 सितंबर को शाम 3 बजे पुलिस को बुलाया और आरोपी लड़की को उसके हवाले किया.
– शनिवार शाम साढ़े सात बजे छात्राओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ धरना शुरू किया. इसके बाद कुछ लड़कियां बेहोश हो गईं और एक को अस्पताल लाया गया.
– पुलिस ने 18 सितंबर को सेक्शन आईपीसी की 354C और आईटी एक्ट की 66 C के तहत मामला दर्ज किया.
– रविवार को यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर विरोध प्रदर्शन हुआ.
– पुलिस ने शिमला से एमबीए छात्रा के बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया.
– सोमवार को दोपहर 1.30 बजे प्रोटेस्ट खत्म किया गया.
– खार कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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