कौन है L&T के chairman Anil Mani Bhai Naik?

कौन है L&T के chairman Anil Mani Bhai Naik?

इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के चेयरमैन ए एम नाईक ने L&T की 75वीं वार्षिक आम बैठक में बताया कि मौजूदा समय में दुनियाभर में बन चीन के खिलाफ सेंटीमेंट का फायदा भारत को मिल सकता है. ये भारत के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है. आपको बता दें कि ए एम नाइक नाम से चर्चित इस शख्स का उद्योग जगत में सफलता की राह आसान नहीं रही. यह वही शख्स हैं, जो एलएंडटी (L&T) को बचाने के लिए अकेले आदित्य बिड़ला ग्रुप से टकरा गए थे. इतना ही नहीं उन्होंने कॉरपोरेट ग्रुप के हाथों कंपनी को बिकने से बचाने में भी कामयाबी हासिल की थी.

ए एम नाईक को कभी नौकरी पर रखने से मना कर देती थी कंपनियां! -अनिल मनिभाई नाईक ने जब पहली बार एलएंडटी में नौकरी के लिये आवेदन किया था, तब उन्हें यहां नौकरी नहीं मिली थी. गुजरात के बिड़ला विश्वकर्मा माहविद्यालय से ग्रेजुएट के बाद उन्होंने L&T में नौकरी के लिये आवेदन किया है, लेकिन एलएंडटी उस समय IIT के स्टूडेंट्स को अधिक वरीयता देती थी.

लार्सन एंड टुब्रो (Larsen and Toubro)  के चेयरमैन है ए एम नाईक

इसके बाद नाईक ने नेस्टर बॉयलर्स में नौकरी शुरू की. एक इंटरव्यू में वो बताते हैं कि एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने अगली नौकरी के लिए आवेदन ​आया है. यहां उन्हें ​कनिष्ठ इंजीनियर की नौकरी मिली. एलएंडटी में नाईक ने जब 15 मार्च 1965 में नौकरी शुरू की, तब उनका वेतन 670 रुपये प्रति महीने था.

वर्ष 1965 में जूनियर इंजीनियर के रूप में एलएंडटी से जुड़ने वाले नाईक अब कंपनी के चेयरमैन हैं.एलएंडटी को कंस्ट्रक्शन बिजनेस के साथ ही डिफेंस सेक्टर में मजबूती से स्थापित करने में ए एम नाईक की अहम भूमिका रही है. नाइक को इससे पहले वर्ष 2009 में देश की तीसरा बड़ा सम्मान पद्म भूषण (Padma Bhushan) भी मिल चुका है.

ए एम नाईक ने बताया गेमचेंजर प्लान-

ए एम नाईक ने 75वीं वार्षिक आम बैठक में बताया कि भारत समेत दुनिया भर में चीन विरोधी भावना घरेलू उद्योग के लिये परिस्थितियां बदलने वाला साबित हो सकता है, लेकिन इस भावना की लहर में बहकर निर्णय लेने के बजाय दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखा जाना चाहिये.

इन रुझानों का लाभ उठाने और उत्पादक उद्देश्यों के लिये उनका उपयोग करने के लिये हमें लहर में बहकर प्रतिक्रिया देने के बजाय एक समयबद्ध योजना के साथ दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने की जरूरत है.

नाईक ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के बाद आत्मनिर्भर भारत के सरकार के आह्वान को “अगला तार्किक कदम बताया.उन्होंने कहा कि एलएंडटी रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, बिजली और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता पर काम कर रही है. नाइक ने कहा, “यह सरकार और उद्योग के लिये एक साथ काम करने और राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने का उपयुक्त अवसर है. नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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