आखिर ये JCB काली, नीली, हरी रंग की क्यों नही होती… पीले रंग की होने के पीछे क्या है वजह? देखिए video

आखिर ये JCB काली, नीली, हरी रंग की क्यों नही होती… पीले रंग की होने के पीछे क्या है वजह? देखिए video

आपने देखा होगा जब भी कहीं खुदाई चलती है या सामान उठाने के लिए छोटी या बड़ी कोई भी क्रेन या बैकहो लोडर (जिसे लोग जेसीबी के नाम से जानते हैं) का इस्तेमाल होता है, वो पीले रंग के ही होते हैं. चाहे जेसीबी की कोई भी मशीन हो, वो हमेशा पीले रंग की ही होती है. आपने भी कई बार पीले रंग की इन जेसीबी या क्रैन को काम करते हुए देखा होगा, लेकिन कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है. ये कंस्ट्रक्शन साइट पर इस्तेमाल होने वाली मशीनें पीली रंग की ही क्यों होती है…

इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको जेसीबी की हिस्ट्री भी जाननी पड़ेगी और साथ ही इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि आखिरी इनका रंग पीला ही क्यों होता है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि ऐसा क्यों होता है तो ये रिपोर्ट पूरी पढ़ें…

जेसीबी कंपनी का नाम है

आखिर ये JCB काली, नीली, हरी रंग की क्यों नही होती... पीले रंग की होने के पीछे क्या है वजह?

पहले तो आपको बता दें कि जिस खुदाई करने वाली जिस मशीन को आप जेसीबी बोलते हैं, वो एक कंपनी का नाम है. जेसीबी एक कंपनी है, जो लंबे टाइम से कंस्ट्रक्शन साइट पर इस्तेमाल होने वाली मशीनों का निर्माण कर रही है. इसमें से एक मशीन है, जिससे खुदाई की जाती है. इस मशीन का नाम होता है बैकहो लोडर. इसी तरह हर मशीन का अलग अलग नाम होता है. कंपनी ने 1945 से इस तरह की मशीनों का निर्माण कर दिया था और सबसे पहले एक ट्रॉली बनाई थी.

कब आई पहली पीली मशीन?

जेसीबी ने 1945 के बाद से लगातार नई नई मशीनें बनाई और कई इनोवेशन किए. कंपनी ने जो पहला बैकहो लोडर बनाया था, वो 1953 में बनाया था, जो नीले और लाल रंग का था. इसके बाद इसे अपग्रेड करते हुए साल 1964 में एक बैकहो लोडर बनाया गया, जो पीले रंग का था. इसके बाद से लगातार पीले रंग की ही मशीनें बनाई जा रही हैं और यहां तक कि अन्य कंपनियां भी कंस्ट्रक्शन साइट पर इस्तेमाल होने वाली मशीनों का रंग पीला ही रखती हैं.

क्यों होता है पीला रंग?

जेसीबी या क्रेन या फिर कंस्ट्रक्शन साइट पर इस्तेमाल होने वाली इन मशीनों के पीला होने का कारण विजिबिलिटी है. इसके पीछे तर्क ये है कि इस रंग के कारण जेसीबी खुदाई वाली जगह पर आसानी से दिख जाती है, चाहे दिन हो या रात. इससे दूर से पता चल जाता है कि वहां कोई कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है और अंधेरे में भी दिखने की वजह से दूर से इसका पता लगाया जा सकता है. इसका मतलब है कि इन मशीनों का पीला रंग सिर्फ सिक्योरिटी को देखते हुए किया गया और उसके बाद से इसे पीला कर दिया गया. आपने देखा होगा कि इसलिए ही कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले मजदूर भी पीले रंग का ही हेलमेट बनते हैं.

जेसीबी ने बनाई थी नीले रंग की जेसीबी?

पीले रंग की मशीने बनने की शुरुआत होने के बाद भी कंपनी ने नीले रंग की जेसीबी बनाई थी. हालांकि, ये सिर्फ कंपनी की 56वीं एनिवर्सिरी को लेकर बनाई गई थी, जो ईको हैकहो लोडर था. इस मशीन में यूनियर जैक कलर का इस्तेमाल किया गया था, यानी दिखने में इसका रंग इंग्लैंड के झंडे के जैसा था.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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