INDIAN Airforce VS PAKISTAN Airforce : कौन है बेहतर ?

INDIAN Airforce VS PAKISTAN Airforce : कौन है बेहतर ?

भारतीय वायुसेना बेहतर है या पाकिस्तान की वायुसेना. कठिन सवाल है. पर हर कोई बोलेगा भारत की एयरफोर्स ज्यादा मजबूत और ताकतवर है. लेकिन चीन (China) की मदद से पाकिस्तानी वायुसेना खुद को लगातार अपग्रेड कर रही है, तो क्या वो भारत से ज्यादा दमदार हो गई है. चलिए पढ़ लेते हैं…भारतीय वायुसेना (Indian Air Force – IAF) की स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी. जबकि पाकिस्तानी वायुसेना (Pakistan Air Force – PAF) भारत से पहले हुई थी. 14 अगस्त 1947 को ही. फिर भी पाकिस्तानी वायुसेना की वर्ल्ड रैंकिंग 8वीं है. जबकि, भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और ताकतवर वायुसेना है.

भारतीय वायुसेना के पास 170,576 सक्रिय सैनिक हैं. 1.40 लाख रिजर्व फोर्स है. भारतीय वायुसेना के पास 1926 से ज्यादा एयरक्राफ्ट्स हैं. पाकिस्तानी वायुसेना में 70 हजार सक्रिय सैनिक हैं. 8 हजार रिजर्व फोर्स हैं. पाकिस्तानी वायुसेना के पास 970 से ज्यादा एयरक्राफ्ट्स हैं. अब आप यही देखिए कि पाकिस्तान की वायुसेना कैसे भारत को पिछाड़ सकती है.जब बात आती है लड़ाकू विमानों यानी फाइटर जेट्स में सुपिरियारिटी की तो पाकिस्तान भारत के आगे कहीं नहीं टिकता. भारत के पास रूस से मिली 283 सुखोई-30  है. ये बेहद अत्याधुनिक फाइटर जेट्स हैं, जो किसी भी तरह के मौसम में युद्ध लड़ सकते हैं.

Indian Air Force

मल्टी रोल फाइटर्स की बात करें तो भारत के पास 36 डैसो राफेल मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट, 69 मिकोयान मिग-29 (Mikoyan MiG-29), 59 डैसो मिराज (Mirage), 123 तेजस  का ऑर्डर दिया गया है, फिलहाल वायुसेना के पास 5 तेजस हैं. 139 सेपेकैट जगुआर (SEPECAT Jaguar) और 125 मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट हैं.

पाकिस्तान के पास अमेरिका में बने 75 एफ-16 (F-16) हैं. चीन का दिया 134 जेएफ-17 (JF-17) हैं. 50 नए अत्याधुनिक जेएफ-17 बेड़े में शामिल किए जाने हैं. इसके अलावा चेंगदू जे-10 सी (Chengdu J-10C) का ऑर्डर चीन को दिया गया है. इसकी डिलिवरी इस साल होने वाली है. 80 मिराज-3 फाइटर जेट्स और 90 मिराज-5 फाइटर जेट्स और 140 चेंगदू-एफ-7पीजी सर्विस में हैं. लेकिन एफ-16 और जेएफ-17 के अलावा कोई भी विमान मल्टी रोल नहीं है.

जब बात होती है स्ट्राइक एयरक्राफ्ट की यानी बमवर्षकों की. तो उस मामले में भारत और पाकिस्तान दोनों के पास ही कोई बमवर्षक यानी बॉम्बर एयरक्राफ्ट नहीं है. दोनों ही देश लंबी दूरी की मिसाइलों का उपयोग करके इस कमी को पूरा कर सकते हैं. फाइटर जेट्स से या फिर जमीन या पानी से मिसाइलों को दाग कर दुश्मन को परेशान कर सकते हैं.

फिक्स्ड विंग्स एयरक्राफ्ट के मामले में पाकिस्तान से भारत कहीं आगे हैं. भारत के पास कुल 897 फिक्स्ड विंग्स कॉम्बैट एयरक्राफ्ट्स हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 755 फिक्स्ड विंग्स लड़ाकू एयरक्राफ्ट. अगर बात करें एयरक्राफ्ट पर तैनात होने लायक चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट्स की तो भारत के पास ऐसे 45 फाइटर जेट्स हैं. जबकि पाकिस्तान के पास एक भी नहीं है, जिसे चौथी पीढ़ी का करियर बेस्ड मल्टीरोल एयरक्राफ्ट कहा जा सके.

Indian Air Force

निगरानी और अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट की बात करें तो पाकिस्तान के पास 8 हैं, जबकि भारत के पास सिर्फ 6. लेकिन डीआरडीओ (DRDO) स्वदेशी अवॉक्स सिस्टम बना रहा है. इसके तहत छह ऐसे निगरानी विमान बनाए जाएंगे. इंडियन एयरफोर्स के पास 6 रीफ्यूलिंग प्लेन हैं, जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ चार ही है.भारतीय वायुसेना के पास 22 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, 68 एचएल लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, 15 चिनूक हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर, 150 एमआई-17वी-5एस हेलिकॉप्टर्स हैं. पाकिस्तान के पास फिलहाल कोई अटैक या कॉम्बैट हेलिकॉप्टर नहीं है. उसके पास खोजी और बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर्स हैं. इसके अलावा एमआई-171 हैं. जो युद्ध में काम आता है.

Pakistan Air Force

ड्रोन टेक्नोलॉजी की बात करे तो पाकिस्तानी वायुसेना के पास फाइटर ड्रोन्स हैं. हालांकि इनकी संख्या कितनी है. इसके बारे में खुलासा नहीं किया गया है. लेकिन भारतीय वायुसेना भी कम नहीं है. भारत के पास चार प्रकार के अलग-अलग ड्रोन्स हैं. जो किसी भी समय हमला, जासूसी और निगरानी करने में काम लाए जा सकते हैं.आखिर बात ये है कि पाकिस्तानी वायुसेना के सैनिकों की संख्या, फाइटर जेट्स की संख्या, हेलिकॉप्टर्स की संख्या समेत हर मामले में भारतीय वायुसेना के आगे कुछ भी नहीं है. लाख प्रयास कर ले तो भी उसकी हिम्मत नहीं होगी कि वो भारतीय वायुसेना की तरफ आंख भी उठा सके. पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक और अभिनंदन वर्धमान वाला केस तो सबको याद ही होगा. नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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