Mobile Location निकालने वाला GPS कैसे काम करता है? |

Mobile Location निकालने वाला GPS कैसे काम करता है? |

आज के समय में तकनीक बहुत ज्यादा बदल चुकी है, ऐसे में आपको और इसके बारे में जरूर पता होना चाहिए। GPS (जीपीएस) स्मार्टफोन में स्तिथ एक ऐसा फीचर्स है, जिसका उपयोग प्रत्येक व्यक्ति को कभी ना कभी करना पड़ता ही है।

हम पृथ्वी के किसी भी स्थान पर क्यों ना चले जाएँ। GPS की मदद से हमारी लोकेशन का बहुत आसानी से पता लगाया जा सकता है। इस लेख में आपको इससे जुड़ी सभी जानकारी मिलने वाली है, जिसमे GPS System क्या है, यह कैसे काम करता है औरऔर भी कई जानकारियां इस लेख में शामिल है। तो आइये जानते है GPS Meaning in Hindi से जुड़ी पूरी जानकारी विस्तारपूर्वक –

जीपीएस क्या होता है

GPS क्या है? और कैसे काम करता है । What is GPS in Hindi - HindiTechnos

ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) नौवहन उपग्रह प्रणाली है। यह उपग्रह Satellites के Network पर कार्य करता है। जीपीएस को संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग द्वारा बनाया गया था। शुरुआत में यह पूरी तरह से कार्य नहीं करता था। लेकिन 26 April, 1959 को यह पूर्ण रूप से शुरू कर दिया गया था। शुरआत में जीपीएस सिस्टम को सिर्फ सेनाओ के लिए शुरू किया गया था। लेकिन सन 1980 में इसे आम नागरिको के लिए भी शुर कर दिया गया था।

जीपीएस Space-Based Satellite Navigation System प्रणाली है, जो की मौसम की स्तिथि और समय की जानकारी प्रदान कराता है। यह 24 उपग्रहों के नेटवर्क से बना है, जो की अमेरिका रक्षा विभाग द्वारा पृथ्वी की कक्षा में रखे गए है। इसकी सबसे महत्पूर्ण बात यह है, की जीपीएस पूरी दुनिया में सभी जगह पर कार्य करता है। और यह किसी भी मौसम और परिस्तिथि में उपयोग किया जा सकता है। GPS का उपयोग करने के लिए किसी भी नागरिक को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है, ये पूरी तरह से फ्री नेटवर्क है।

जीपीएस का फुल फॉर्म क्या है

जीपीएस का पूरा नाम GPS – Global Positioning System है। और जीपीएस का हिंदी नाम वैश्विक स्थान-निर्धारण प्रणाली है। यह तीन खंडो से मिलकर बना है, अंतरिक्ष, उपयोगकर्ता, और नियंत्रण। इसका उपयोग नेविगेशन और समय की जानकारी के लिए किया जाता है।

GPS कैसे काम करता है?

जीपीएस सिस्टम 24 उपग्रह की मदद से कार्य करता है। यह सभी उपग्रह पृथ्वी की सतह से 12,000 मील की दुरी पर अंतरिक्ष में उपस्तिथ है। यह सभी उपग्रह एक बारह घंटे में पृथ्वी का चक्कर लगाते है, इनकी गति बहुत तीव्र होती है। सभी उपग्रहों को इस तरह से अंतरिक्ष में फैलाया जाता है, की यह पृथ्वी को पूरी तरह से कवर का पाएं।

GPS System तीन मानक Segment प्रणाली पर कार्य करता है, जिसमे Space Segment, Control Segment, और User Segment इन तीनो प्रणाली को सैटेलाइट द्वारा जोड़ा गया है। जब भी हम कोई लोकेशन सर्च करते है, तो सबसे पहले सैटेलाइट सिग्नल पृथ्वी पर आते है, इसके बाद यह सिग्नल रिसीवर को मिलते है, रिसीवर इन सिग्नल की दुरी और समय को भी मापता है। इन सभी सेगमेंट के बाद जो जानकारी आपने जीपीएस की मदद से सर्च की है, वो आपके पास आती है। इस तरह से जीपीएस काम करता है।

जीपीएस का इतिहास

आपको जीपीएस के बारे में तो जानकारी हो चुकी है, लेकिन क्या आप जानते है, की जीपीएस का इतिहास क्या है। जीपीएस से पहले LORAN और डेका नेविगेटर को सन 1940 में बनाया गया था, जिन्हे द्वितीय विश्व युद्ध में उपयोग किया गया है। जीपीएस को तब बनाया गया जब 1957 में सोवियत संघ ने सबसे पहले Sputnik को लॉन्च किया था। जीपीएस से सम्बंधित एक सवाल यह भी रहता है, की जीपीएस का अविष्कार किसने किया? जीपीएस का अविष्कार अमेरिकी वैज्ञानिकों की टीम ने किया था जो की स्पुतनिक के रेडियों रेडियो प्रसारण की निगरानी कर रही थी। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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