गले में गांठ की तरह दिखने वाले इस हिस्से का काम क्या है और क्या यह सिर्फ पुरुषों में पाया जाता है? देखिए video

गले में गांठ की तरह दिखने वाले इस हिस्से का काम क्या है और क्या यह सिर्फ पुरुषों में पाया जाता है? देखिए video

गले में गांठ की तरह दिखने वाले हिस्‍से को सभी ने देखा होगा. कभी सोचा है कि यह शरीर में क्‍यों है, इसका काम क्‍या है और इसे कहते क्‍या हैं. कई लोग इसे आम भाषा कौआ या टेंटुआ भी कहते हैं, लेकिन इसका वैज्ञानिक नाम नहीं जानते. आज जानिए, शरीर में इसके होने से इंसान को का फायदा होता है और इसका होना क्‍यों जरूरी है?

पहले इसका नाम और काम समझिए

विज्ञान की भाषा में इसे एडम्‍स एपल्‍स कहते हैं. हम जब भी कुछ खाते-पीते या बोलते हैं तो इसमें मूवमेंट होता है जो गर्दन पर आसानी से देखा जा सकता है. गर्दन में इसका उभार टीनएज में आते ही दिखना शुरू हो जाता है. गर्दन में एक वॉयस बॉक्‍स (लैरेंग्‍स) होता है, जिसके कारण ही इंसान कुछ बोल पाता है. एडम्‍स एपल्‍स इस वॉइस बॉक्‍स को एक कवर की तरह सुरक्षित रखने का काम करता है. इसीलिए जब भी इंसान कुछ बोलता है तो यह गर्दन में उपर या नीचे की तरफ जाता है.

क्‍या यह सिर्फ पुरुषों में होता है?

गले में गांठ की तरह दिखने वाले इस हिस्से का काम क्या है और क्या यह सिर्फ पुरुषों में पाया जाता है?

ज्‍यादातर लोगों में यह भ्रम है कि एडम्‍स एपल्‍स सिर्फ पुरुषों में पाया जाता है, मह‍िलाओं में नहीं. लेकिन ऐसा नहीं है. यह हर इंसान में पाया जाता है, लेकिन महिलाओं के मामले में यह साफतौर पर नहीं दिखता इसलिए समझा जाता है कि यह इनमें नहीं पाया जाता.

इसका नाम एडम्‍स एपल्‍स ही क्‍यों रखा गया ?

बड़ा सवाल है कि टेंटुआ का नाम एडम्‍स एपल्‍स ही क्‍यों रखा गया है? कहा जाता है कि इसका कनेक्‍शन एडम और इव के बगीचे से है. उनके बगीचे में सेब के कई पेड़ थे. मान्‍यता है कि बगीचे में लगे सेब के पेड़ में एक ऐसा फल भी था जिसे नहीं खाया जाता था. एडम ने वही फल खा लिया था और वो उनके गले में फंस गया. इसी घटना के कारण इसका नाम एडम्‍स एपल्‍स पड़ा.

कुछ लोगों में इसका आकार बड़ा क्‍यों होता है?

कुछ लोगों में इसका आकार सामान्‍य से बड़ा होता है, कभी सोचा है कि ऐसा क्‍यों है? विज्ञान कहता है, इसका आकार सामान्‍य से ज्‍यादा बड़ा होने की वजह है टिश्‍यूज. जब एडम्‍स एपल्‍स के चारों ओर अध‍िक टिश्‍यूज विकसित हो जाते हैं तो इसका आकार बड़ा हो जाता है. एक्‍सपर्ट कहते हैं, आनुवांशिक कारणों से भी इसका आकार सामान्‍य से बड़ा हो सकता है. हालांकि ऐसा होने पर सर्जरी की मदद से इसे छोटा किया जा सकता है. अगर आपको लगता है कि एडम्‍स एपल्‍स का आकार सामान्‍य से बड़ा है तो डॉक्‍टर से सलाह लें. इससे यह समझ पाएंगे कि क्‍या यह वाकई में ऐसा है या नहीं.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *