ऐसी चीजें जो गलती से बनी, पर इंसानी जरूरत बन गई! देखिए video

ऐसी चीजें जो गलती से बनी, पर इंसानी जरूरत बन गई! देखिए video

इंसान नई नई चीजें खोजता रहता है। कुछ नया करने की कोशिश करता रहता है। पर कई चीजें जो अनजाने में सामने आ जाती हैं, वो होती बड़े काम की हैं। ऐसे में आईबीएनखबर.कॉम 25 ऐसी चीजों के बारे में बता रहा है, जिनकी खोज तो अनजाने में हुईं, पर वो मानवीय जरुरतें बन गई।

कोका-कोला: कोला कोला की खोज अचानक ही हुई थी। या यूं कहें कि कोका-कोला की खोज दुर्घटनावश हो गई थी। इसे बनाया था फार्मासिस्ट जॉन पेंबर्टन ने। जॉन पेंबर्टन सरदर्द और सर्दी से बचाव के लिए सीरप बना रहे थे, जिसमें वाइन और कोला(कोकीन से निकला पदार्थ) को मिला दिया। जब उसके अटलांटा राज्य में 1885 में शराब पर रोक लग गई, तो उन्होंने इस सीपर से वाइन निकालकर कार्बोनेट मिलाया और कोका-कोला तैयार हो गया।

 चॉकलेट बिस्किट्स: बिस्किट फैक्टरी में बच्ची के हाथों गिरे चॉकलेट के टुकड़े ने इसका आईडिया दिया। ये सन 1936 की बात है।

चॉकलेट बिस्किट्स: बिस्किट फैक्टरी में बच्ची के हाथों गिरे चॉकलेट के टुकड़े ने इसका आईडिया दिया। ये सन 1936 की बात है।

 कैंडीबार: बच्चे ने खेल खेल में इसे बना दिया था। दरअसल, एक बच्चे ने सोडा को छिपाकर फ्रीजर में रख दिया और उसमें छोटी सी डंडी पड़ी रह गई। सुबह जब बच्चे ने उसे जमा देखा तो डंडी से पकड़कर उस जमे हुए सोडा को चूसने लगा। और लोग बन गई कैंडीबार।

कैंडीबार: बच्चे ने खेल खेल में इसे बना दिया था। दरअसल, एक बच्चे ने सोडा को छिपाकर फ्रीजर में रख दिया और उसमें छोटी सी डंडी पड़ी रह गई। सुबह जब बच्चे ने उसे जमा देखा तो डंडी से पकड़कर उस जमे हुए सोडा को चूसने लगा। और लोग बन गई कैंडीबार।

 पेंसिलीन: आज पेंसिलीन को हर कोई जानता है। पर कैसे बना ये कोई नहीं जनता। इसे स्कॉटिश वैज्ञानिक सर एलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने बनाता था। उन्होंने पेट्री दिश में वैक्टीरिया से लड़ता वैक्टीरिया ढूंढ निकाला था और उसे ही इकट्ठा कर मजबूत एंटीबॉयोटिक का रूप दे दिया। आज पेंसिलीन नरम जगहों पर सबसे अच्छे एंटीबॉयोटिक के तौर पर जाना जाता है।

पेंसिलीन: आज पेंसिलीन को हर कोई जानता है। पर कैसे बना ये कोई नहीं जनता। इसे स्कॉटिश वैज्ञानिक सर एलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने बनाता था। उन्होंने पेट्री दिश में वैक्टीरिया से लड़ता वैक्टीरिया ढूंढ निकाला था और उसे ही इकट्ठा कर मजबूत एंटीबॉयोटिक का रूप दे दिया। आज पेंसिलीन नरम जगहों पर सबसे अच्छे एंटीबॉयोटिक के तौर पर जाना जाता है।

 माइक्रोवेव ओवन: माइक्रोवेव ओवन अबतक का दुर्घटनावश बनी चीजों में सबसे अच्छी साबित हुई है। सम 1946 में एयरोस्पेस-रक्षा वैज्ञानिक ने वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल करते हुए आईसक्रीम को गलाने की कोशिश की। और फिर पॉपकॉर्न बनाया। इसके बाद तो माइक्रोवेव ओवन पूरी दुनिया में छा गया।

माइक्रोवेव ओवन: माइक्रोवेव ओवन अबतक का दुर्घटनावश बनी चीजों में सबसे अच्छी साबित हुई है। सम 1946 में एयरोस्पेस-रक्षा वैज्ञानिक ने वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल करते हुए आईसक्रीम को गलाने की कोशिश की। और फिर पॉपकॉर्न बनाया। इसके बाद तो माइक्रोवेव ओवन पूरी दुनिया में छा गया।

स्लिंकी: ये रक्षा वैज्ञानिक द्वारा गलती से बन गया, जो अबतक का बच्चों का सबसे प्यारा खिलौना है। दरअसल रज्ञा विज्ञानी रिचर्ड जोन्स ने लड़ाई में दूरी और ताकत को आजमाने के लिए प्लास्टिक के मजबूत तारों को लपेटकर रख दिया। और बाद में अहसास हुआ कि ये तो बच्चे के खेलने के काम आ सकती है।

 स्लिंकी: ये रक्षा वैज्ञानिक द्वारा गलती से बन गया, जो अबतक का बच्चों का सबसे प्यारा खिलौना है। दरअसल रज्ञा विज्ञानी रिचर्ड जोन्स ने लड़ाई में दूरी और ताकत को आजमाने के लिए प्लास्टिक के मजबूत तारों को लपेटकर रख दिया। और बाद में अहसास हुआ कि ये तो बच्चे के खेलने के काम आ सकती है।

स्टैनलेस स्टील: लोहे का सबसे बड़ा दुश्मन है, जो सबसे बड़ा सच है। और हम सैकड़ों सालों से लोहे का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। पर 1912 में गन बनाते समय हैरी ब्रेरली ने यूं ही अपने गम पर क्रोमियम का इस्तेमाल किया। और जब लोहा बिल्कुल अलग ही हो गया, और बेहद मजबूत भी। तब जाकर पता चला कि उन्होंने चमत्कार कर दिया है। और आज स्टैनलेस स्टील सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला धातु बन गया है।

 स्टैनलेस स्टील: लोहे का सबसे बड़ा दुश्मन है, जो सबसे बड़ा सच है। और हम सैकड़ों सालों से लोहे का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। पर 1912 में गन बनाते समय हैरी ब्रेरली ने यूं ही अपने गम पर क्रोमियम का इस्तेमाल किया। और जब लोहा बिल्कुल अलग ही हो गया, और बेहद मजबूत भी। तब जाकर पता चला कि उन्होंने चमत्कार कर दिया है। और आज स्टैनलेस स्टील सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला धातु बन गया है।

वायग्रा: हाई ब्लड प्रेसर की दवा बनाते समय साइमन कैंपबेल और डेविड रॉबर्ट्स ने गलती से इसका आविश्कार कर दिया था। दरअसल, इसे ब्लड प्रेसर को लो रखने के लिए बनाया था, पर ये ब्लड प्रेसर पर कार करने की जगह कुछ और ही बन गया।

 वायग्रा: हाई ब्लड प्रेसर की दवा बनाते समय साइमन कैंपबेल और डेविड रॉबर्ट्स ने गलती से इसका आविश्कार कर दिया था। दरअसल, इसे ब्लड प्रेसर को लो रखने के लिए बनाया था, पर ये ब्लड प्रेसर पर कार करने की जगह कुछ और ही बन गया।

एक्स-रे: इसे 18वीं शताब्दी में जर्मन वैज्ञानिक ने बनाया था। और एक्स-रे नाम दिया था। क्योंकि इन तरंगों से वे अनजान थे। यहां एक्स का मतलब अपरिचित होने से था। और आज एक्स-रे मानव जीवन के बेहद काम आ रही है।

 एक्स-रे: इसे 18वीं शताब्दी में जर्मन वैज्ञानिक ने बनाया था। और एक्स-रे नाम दिया था। क्योंकि इन तरंगों से वे अनजान थे। यहां एक्स का मतलब अपरिचित होने से था। और आज एक्स-रे मानव जीवन के बेहद काम आ रही है।

नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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