कभी जीवन में यहाँ टैटू मत बनवा लेना आप भी हैरान हो जाओगे …

कभी जीवन में यहाँ टैटू मत बनवा लेना आप भी हैरान हो जाओगे …

टैटू का नाम लूं तो आज सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है पॉप स्टार जस्टिन बीबर की, जिन्होंने अभी-अभी अपने टैटू से भरे शरीर की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर डाली है. इसे बनवाने के लिए उन्होंने 100 घंटों से भी ज्यादा का समय दिया है.

100 घंटों से ज्यादा समय लगा इस टैटू को बनवाने में

जस्टिन बीबर कहते हैं कि उन्हें अपने टैटू कलेक्शन पर गर्व है. अरे किसे नहीं होता…हर टैटू वाले को होता है. पर टैटू पर गर्व करने वाले अगर ये बातें जान लें कि टैटू आखिर कितने खतरनाक हो सकते हैं, तो गर्व करना भूल जाएंगे और उससे पीछा छुड़ाने के तरीके खोजेंगे.

आप अपने टैटू आर्टिस्ट को नहीं जानते-

टैटू बनवाने से पहले अपने आर्टिस्ट को जानना बेहद जरूरी है, लेकिन कोई भी ऐसा नहीं करता. इससे पहले कि आप टैटू बनवाएं पहले अपने आर्टिस्ट का पोर्टफोलियो जान लें, कि उसका काम कैसा है, उसका नाम कैसा है और उसके पास कितना अनुभव है. टैटू आर्टिस्ट मार्क डेटर का कहना है कि बहुत से टैटू आर्टिस्ट स्वास्थ और सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखते. ये ध्यान रखने वाली बात है कि टैटू आर्टिस्ट ने हाथों में ग्लव्स पहने के नहीं, उसने टैटू बनाने के लिए नई सुई ली या नहीं, या उसने टैटू बनाने वाले सामान को स्टैरेलाइज़ किया या नहीं.

टैटू आर्टिस्ट को जानना बेहद जरूरी

एक खराब टैटू आर्टिस्ट आपको खराब टैटू के साथ-साथ खतरनाक बीमारियां भी दे सकता है. अगर इन सब बातों पर ध्यान नहीं दिया गया तो गंभीर स्किन इन्फैक्शन के साथ-साथ HIV/AIDS और Hepatitis C जैसे वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. और ये वो बीमारियां हैं जिनका पता काफी बाद में चलता है.

नौकरी मिलने में समस्या हो सकती है-

रिसर्च में ये पाया गया है कि अगर किसी व्यक्ति के टैटू विजिबल हैं, (जैसे चेहरे, गर्दन बाहों, हाथों या पैरों पर) यानी बाहर से दिखाई दे रहे हैं तो ऐसे लोगों को नौकरी मिलने में परेशानी आती है. टैटू को लेकर लोगों में एक नकारात्मक पूर्वाग्रह होता है.

नौकरी मिलने में बाधक हैं आपके टैटू

रेस्त्रां में भी ऐसे ही लोगों को लिया जाता है जिनके टैटू न हों, सेल्स मैनेजर भी ये मानते हैं कि टैटू वाले लोगों को बिक्री पर रखने से बिक्री पर असर पड़ता है. और भारतीय वायु सेना में भी ये नियम है कि अगर किसी व्यक्ति के टैटू होगा तो उसे नौकरी पर नहीं रखा जाएगा. इसलिए टैटू बनवाने से पहले सही जगह का चुनाव करना भी उतना ही जरूरी होता है.

क्योंकि टैटू बनवाने से पहले आप सोचते नहीं हैं-

टैटू से शान बघारते लोगों को देखकर आप भी जोश में आ जाते हैं और टैटू बनवाने का फैसला मिनटों में कर लेते हैं. और ये भूल जाते हैं कि इस फैसले के साथ ही उम्र भर जीना होता है. बाद में पछताना पड़ता है. और फिर उसे कैसे हटाएं इसकी जद्दोजहद शुरू हो जाती है. न्यूयॉर्क के Laser & Skin Surgery Center के डायरेक्टर डॉक्टर रॉय जी जिरोनेमस का कहना है कि ‘टैटू हटवाने के बहुत से कारण हो सकते हैं. पहले आपकी उम्र कम रही होगी, बाद में आप परिपक्व हो जाते हैं या फिर आपके काम का स्टेटस भी आपको टैटू के अनुरूप नहीं होता. जितने लोग टैटू बनवाते हैं, लगभग उतने ही हटवाते भी हैं’ इसलिए टैटू बनवाने से पहले उसकी अच्छाई और बुराई दोनों के बारे में अच्छी तरह से सोच लेना चाहिए.’

लोग आपके बारे में राय बनाएंगे-

एक शोध से पता चलता है कि अगर आपके टैटू विजिबल हैं, तो आपके बारे में राय बनाई जा सकती है. इस शोध में भाग लेने वाले लोगों को कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं थीं जिनमें टैटू वाले भी थे और बगैर टैटू के भी, औऐर फिर उनके बारे में राय देने के लिए कहा गया. शोध में हिस्सा लेने वालों का मानना था कि टैटू बनवाने वाले अनप्रोफेशनल होते हैं. कुछ ने तो यहां तक भी कहा कि उन्हें टैटू वाले लोग बिना टैटू वालों से कम बुद्धि के और कम ईमानदार लगे. तो ऐसे में कोई आपके बारे में क्या राय बना ले पता नहीं.

आप अगर मां बनने वाली हैं-

भले ही टैटू हटाया जा सकता है लेकिन टैटू एक परमानेंट फैसला होता है. इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता और इसके लंबे समय तक होने वाले परिणामों के बारे में सोचना जरूरी है.

प्रेगनेंसी के बारे में सोच रही हैं तो टैटू को भूल जाओ

जैसे- अगर आप भविष्य में मां बनने की सोच रही हैं तो आपका टैटू आगे चलकर खराब हो सकता है. वजन बढ़ने और घटने से होने वाले स्ट्रेच मार्क्स और त्वचा के ढ़ीले पड़ जाने से टैटू बिलकुल वैसा नहीं लगेगा जैसे वो पहले था.

पसीने को रोकता है टैटू-

इसके बारे में शायद आप सोच भी नहीं सकते. पसीना निकलना हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन हालिया रिसर्च से पता चला है कि टैटू शरीर में पसीना आने की क्रिया पर प्रभाव डालता है. टैटू बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इंक या स्याही आपके पसीने को रोकती है. इसलिए टैटू बनवाते वक्त सही जगह का चुनाव करें जिससे कम से कम पसीने की ग्रंथियां ब्लॉक न हों. रिसर्च से ये भी पता चला है कि एक टैटू वाली त्वचा से निकलने वाले पसीने में सोडियम काफी गाढ़ा था. और उस त्वचा पर बाकी शरीर से 50% कम पसीना आता है.

टैटू पसीने का आना 50% तक रोक देता है

अगर आपको कभी स्किन कैसर था या फिर आपके परिवार में ऐसी कोई हिस्ट्री हो तो टैटू मत बनवाइए. हालांकि टैटू और स्किन कैंसर सीधे जुड़े नहीं हैं लेकिन फिर भी इसे इग्नोर नहीं किया जा सकता. प्लासिटिक सर्जन कॉरमैक जॉयस का कहना है कि ‘टैटू बनाने की प्रक्रिया में मेटल साल्ट और ऑरगैनिक डाईज को त्वचा की बाहरी परत में छोड़ा जाता है. और ऐसा करने से घातक परिवर्तन हो सकते हैं. हालांकि टैटू से स्किन कैंसर नहीं होता लेकिन ये स्किन कैंसर की संभावना को बढ़ा देता है.’

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *