दुनिया की सबसे खूबसूरत रोबोट |

दुनिया की सबसे खूबसूरत रोबोट |

मोहाली में दुनिया का पहला सोशल ह्यूमनॉइड रोबोट आ रहा है। वह यहां टाइकून में हिस्सा लेंगे, जहां लोग उनकी आवाज सुनेंगे, रोबोट के बारे में सब कुछ जानेंगे।

इंसान की तरह दिखने वाली सऊदी ह्यूमनॉइड रोबोट सोफिया इन दिनों भारत में है। 29 फरवरी को सोफिया टायकॉन में भाग लेने के लिए मोहाली में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस पहुंचेगी। वैलेंटाइन्स डे पर सोफिया बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में थी। सोफिया का यह दूसरा भारत दौरा है। उन्होंने इससे पहले अक्टूबर, 2019 में इंदौर में आयोजित 51वें राउंड स्क्वायर सम्मेलन में भाग लिया था।

रोबोट सोफिया

हर साल होने वाला ये टाइकून इस बार कुछ खास होगा. क्योंकि इस बार उनका मुख्य आकर्षण दुनिया की पहली सोशल ह्यूमनॉइड रोबोट सोफिया होगी। उन्हें सऊदी अरब की नागरिकता मिल गई है। वहीं टाइकून में कई देशों के प्रतिनिधि और निवेशक हिस्सा लेंगे। इन सबके बीच सोफिया खुद इसकी उपयोगिता और तरीके के बारे में बताएगी। सोफिया ने अपने मानवीय रूप और भाषण के कारण दुनिया भर में बहुत लोकप्रियता हासिल की है।

रोबोट सोफिया की सबसे खास बात यह है कि वह खास तौर पर लोगों से संवाद करने और काम करने के लिए बनी है। उन्हें इस तरह से प्रोग्राम किया जाता है कि वे सामान्य इंसानों की तरह काम करते हैं। सोफिया का निर्माण हांगकांग की कंपनी हैनसन रोबोटिक्स करती है। डेविड हेन्स ने पहली बार सोफिया को 14 फरवरी 2016 को टेक्सास सिटी में लॉन्च किया था।

रोबोट सोफिया

सोफिया का चेहरा हॉलीवुड एक्ट्रेस ऑड्रे की तरह है। वह 50 से अधिक चेहरे के भाव पढ़ सकता है और सवालों के जवाब भी दे सकता है। सोफिया की आवाज को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने तैयार किया था। वहीं ब्रेन को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी सिंगुलैरिटी नेट ने बनाया है। सोफिया के सॉफ्टवेयर, फर्मवेयर और हार्डवेयर इतने अलग हैं कि उन्हें दूसरे रोबोट बनाने के लिए दोहराना संभव नहीं माना जाता है। सोफिया की त्वचा को ‘फार्बर’ नाम के इरेज़र से बनाया गया है, जो उन्हें एक इंसान की तरह बनाता है।

अलग-अलग बक्सों में आया भारत

रोबोट सोफिया

सोफिया को अमेरिका से कई हिस्सों में बांटकर और अलग-अलग बक्सों में रखकर भारत लाया गया है। ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है ताकि दुनिया भर के क्रूर हैकर्स को इसकी सही लोकेशन का पता न चल सके। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *