दुनिया का सबसे अनोखा ATM, 4,693 मीटर की ऊंचाई पर है मौजूद, चलता है पवन और सौर ऊर्जा से !

दुनिया का सबसे अनोखा ATM, 4,693 मीटर की ऊंचाई पर है मौजूद, चलता है पवन और सौर ऊर्जा से !

एक ज़माना था कि लोगों के बैंक अकाउंट की जगह उन्हें तनख्वाह हाथ में दी जाया करती थी, फिर सैलरी बैंक में सीधे ट्रांसफर होने का दौर आया लेकिन उसे निकालने के लिए बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे. धीरे-धीरे इसके समाधान के तौर पर हमारी ज़िंदगी में ATM आ गया. अब इसके बिना ज़िंदगी की कल्पना करना भी मुश्किल लगता है, यही वजह है कि आजकल थोड़ी-थोड़ी दूर पर ही एटीएम बनाकर लोगों की ज़िंदगी आसान बनाई जा रही है. वैसे क्या आप दुनिया के उस एटीएम बूथ के बारे में जानते हैं, जो पाहड़ की चोटी पर बना है?

आपने अक्सर ATM मशीनों को बाज़ार में या फिर आबादी वाली जगहों पर देखा होगा, लेकिन आज हम आपको ऐसे एटीएम के बारे में बताएंगे, जो ऊंचे पहाड़ पर मौजूद है और वहां बिजली का कनेक्शन तक नहीं पहुंच सकता. दुनिया का ये अनोखा एटीएम हमारे देश से ज्यादा दूरी पर नहीं है, क्योंकि इसे चीन और पाकिस्तान की सीमा पर खुंजेरब पास पर बनाया गया है. आइए आपको बताते हैं कि बिना बिजली के भी ये एटीएम इतनी ऊंचाई पर काम कैसे करता है.

4600 मीटर की ऊंचाई पर बना है ATM

आप दुनिया के उस एटीएम बूथ के बारे में जानते हैं, जो पाहड़ की चोटी पर बना है? (Credit-Wikimedia Commons)

दुनिया के कुछ सबसे अजीबोगरीब लोकेशन पर बने हुए एटीएम की लिस्ट में पाकिस्तान-चीन की सीमा पर बना ये एटीएम भी शामिल है. पाकिस्तान के बर्फ से लदे पहाड़ों वाले इलाके गिलगिट- बाल्टिस्तान में मौजूद खुंजेरब पास पर ये एटीएम मौजूद है. National Bank of Pakistan के इस एटीएम को साल 2016 में यहां स्थापित किया गया था, जो सौर और पवन ऊर्जा से चलता है. सुदूर इलाके में बने इस एटीएम का नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Guinness World Records) में दर्ज है.

कभी नहीं होती यहां कैश की कमी

इस एटीएम को बनाया भले ही इतनी ऊंचाई पर गया है, लेकिन इसकी मेनटेनेंस में कोई कमी नहीं होती. इसका सबसे नज़दीकी बैंक 82 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है और इसे रीफिल करने का काम यहीं से किया जाता है. यहां तक पहुंचने के लिए तेज़ हवाओं, तूफान, लैंडस्लाइड और पहाड़ों से होकर गुजरना पड़ता है. इसे यहां बनाने का मकसद ये है कि बॉर्डर गार्ड्स यहां से अपनी सैलरी निकाल सकें, जबकि यहां रहने वाले थोड़े-बहुत स्थानीय लोग भी इसका फायदा उठाते हैं. नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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