सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर में क्या क्या बदलाव होते हैं? हर दिन के हिसाब से समझिए l देखिए video

सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर में क्या क्या बदलाव होते हैं? हर दिन के हिसाब से समझिए l देखिए video

ये तो आप सभी जानते हैं सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और जो लोग इसे पीते हैं, उन्हें ये छोड़ देनी चाहिए. लेकिन, क्या आप जानते हैं इसे छोड़ने से शरीर में क्या बदलाव होते हैं. सिगरेट पीना सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है, इससे फेफड़े समेत शरीर के कई हिस्सों पर बुरा असर पड़ता है. ये तो आप भी जानते होंगे और जो लोग सिगरेट पीते हैं, उन्हें सलाह भी दी जाती है कि वो धूम्रपान छोड़ दें तो अच्छा रहेगा. लेकिन, क्या आप ये जानते हैं जब आप लंबे समय से सिगरेट पीते रहते हैं और एकदम से सिगरेट का नशा छोड़ते हैं तो इससे भी आपके शरीर पर काफी असर पड़ता है. जी हां, जब कोई व्यक्ति सिगरेट छोड़ता है तो उसके शरीर में काफी बदलाव होते हैं.

ऐसे में जानते हैं कि सिगरेट छोड़ने से शरीर में क्या-क्या बदलाव होते हैं और किस तरह से धीरे धीरे आपका शरीर बीमारियों को अपने शरीर से दूर करता रहता हैं. जानते हैं सिगरेट छोड़ने के बाद होने वाले बदलावों के बारे में, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं…

जब सिगरेट छोड़े हो जाए 8 घंटे…

जब आखिर सिगरेट पिए 8 घंटे हो जाते हैं तो खून में निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा कम हो जाती है, लेकिन आधी तो रहती है. बता दें कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक रसायन है, जो खून से ऑक्सीजन को बाहर निकाल देता है. इस वजह से सिगरेट पीने वाले लोगों को मांसपेशियों और मस्तिष्क से जुड़ी दिक्कत भी होती है. वहीं, 8 घंटे बाद आपको सिगरेट पीने का काफी मन होगा और एक वक्त 5-10 मिनट तक बहुत ज्यादा इच्छा होगी. इसके लिए च्वुइंगम आदि का सहारा लिया जा सकता है.

सिगरेट छोड़ने के बाद शरीर में क्या क्या बदलाव होते हैं? हर दिन के हिसाब से समझिए...

जब 12 घंटे हो जाए…

जब 12 घंटे हो जाते हैं तो शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड स्तर वापस सामान्य होने लग जाता है. इससे सबसे ज्यादा आराम आपके हार्ट को मिलता है, क्योंकि फिर हार्ट को ऑक्सीजन के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी होती.

जब चौबीस घंटे हो जाए…

अगर आप एक दिन में एक पैकेट धूम्रपान करते हैं, तो आपको धूम्रपान न करने वाले के रूप में दिल का दौरा पड़ने की संभावना दोगुनी है. लेकिन, बिना सिगरेट के पूरा एक दिन निकल जाए तो आप भी धीरे- धीरे सामान्य लोगों की कैटेगरी में आने लग जाते हैं.

जब 48 घंटे हो जाए…

2 दिन के बाद आपके स्मैल लेने के सेंस अच्छे होने लग जाएंगे. आपकी स्वाद और गंध की इंद्रियां तेज हो जाती हैं क्योंकि आपके तंत्रिका अंत ठीक होने लगते हैं. दूसरी ओर, आपके शरीर में सफाई का काम शुरू हो जाता है, जैसे फेफड़े से बलगम आदि बाहर आने लग जाते हैं और कई तरह की गंदगी बाहर आती है. वहीं, निकोटिन भी खत्म होने लगता है. हालांकि, इस दौरान बैचेनी, चक्कर आना, भूखा या थका हुआ महसूस करना काफी आम होता है. कई लोगों के सिर में तेज दर्द भी होता है. लेकिन, धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लग जाती है.

जब 2 सप्ताह से 3 महीने हो जाए…

अब तक आपके फेफड़े और मजूबत हो जाएंगे और साफ हो जाएंगे. आपका रक्त प्रवाह में सुधार होने लगता है. आप आसानी से एक्सरसाइज कर पाएंगे.

जब 3-9 महीने हो जाए…

इस वक्त आप आसानी से सांस लेने लग जाते हैं. इससे आपको सर्दी और अन्य बीमारियां कम होने में मदद मिलती है. आपकी एनर्जी में बढ़ोतरी होने लग जाती है.

जब 1 साल हो जाए…

इस वक्त समझ लीजिए कि आपके हार्ट संबंधी रोग होने का खतरा आधे से ज्यादा कम हो गया है.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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