गाड़ी में एयरबैग कैसे काम करते हैं ? एक्सीडेंट होते ही एयर बैग अपने आप कैसे खुल जाते हैं ? देखिए video

गाड़ी में एयरबैग कैसे काम करते हैं ? एक्सीडेंट होते ही एयर बैग अपने आप कैसे खुल जाते हैं ? देखिए video

आजकल के समय में कारों की डिमांड बढती जा रही है जिसके कारण रोड़ पर ट्रैफिक अधिक होने की वजह से एक्सीडेंट का भी खतरा बढ़ता जा रहा है. इसलिए भारत सरकार ने कारों में पैसेंजर की सेफ्टी लिए फ्रंट में दोनों साइड एयरबैग अनिवार्य कर दिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं यह एयरबैग क्या होता है और कैसे काम करता है? अगर नहीं तो कोई बात नहीं, क्योंकि आज के इस आर्टिकल में आप एयरबैग के बारे में विस्तार से जानेंगे. जैसे कि एयरबैग क्या होता है (What is Airbag in Hindi), एयरबैग कैसे काम करता है, एयरबैग किस मटेरियल से बना होता है इत्यादि. तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं एयरबैग से जुड़ी पूरी जानकारी हिंदी में.

एयरबैग कैसे काम करता है? – 

दुर्घटना के समय किसी कार के टकराने पर एयरबैग अपने आप खुल जाता है. एयरबैग एक सेकंड से भी कम समय में 320 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से खुलता है. दुर्घटना की स्थिति में सेंसर एक्टिव हो जाता है और एयरबैग को खुलने के लिए सिग्नल भेजता है और सिग्नल मिलते ही स्टीयरिंग के नीचे मौजूद इन्फ्लेटर एक्टिव हो जाता है. इन्फ्लेटर सोडियम अजाइड के साथ रासायनिक प्रक्रिया करके नाइट्रोजन गैस पैदा करता है. दुर्घटना होने पर नाइट्रोजन से भरा हुआ एयरबैग खुल कर हमारे सामने आ जाता है और हमें चोटिल होने से बचा लेता है.

एयरबैग के अवयव

कार छोटी हो या बड़ी, सबके लिए है जरूरी एयरबैग, जानिए फायदे - How Airbags  Work in car all you need to know

1. Inflatable Bag – यह पतले नायलॉन के कपड़े से बना होता है और इनएक्टिव पोजीशन में मोड़कर स्टीयरिंग व्हील के अंदर फिट किया गया होता है.

2. Impact Sensor – यह सेंसर दुर्घटना होने पर airbag को खुलने का संकेत भेजता है.

3. Inflation System – बैग की इन्फ्लेशन का वास्तविक कार्य इसी सिस्टम द्वारा किया जाता है. जैसे ही इस प्रणाली को सेंसर से संकेत मिलता है यह sodium azide (NaN3) और potassium nitrate (KNo3) के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया कराता है. परिणामस्वरुप यह nitrogen पैदा करता है, जो बैग को फूला देता है.

एयरबैग के प्रकार

1. Frontal Airbag – ये airbags स्टीयरिंग व्हील में लगते हैं और अब इनमें shaped airbags को भी शामिल किया गया है.

2. Passenger Airbag – इसका इस्तेमाल ड्राईवर के अलावा अन्य यात्रियों को बचाने के लिए किया जाता है.

3. Side Airbag – इस बैग का इस्तमाल दुर्घटना होने की स्थिति में टी-बोन या साइड क्रैश से सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है.

4. Knee Airbag – यह एयरबैग स्टीयरिंग व्हील के नीचे फिट किया गया होता है और दुर्घटना होने पर घुटनों और पैरों को सुरक्षा प्रदान करता है.

5. Side Tubular – यह दुर्घटना के समय साइड से होने वाली टक्कर में सिर को बचाता है.

How Airbags Open Automatically In Case Of An Accident | Airbag: एक्सीडेंट  होने पर अपने आप कैसे खुल जाते हैं एयरबैग्स? यहां जानिए इसके पीछे का विज्ञान

6. Rear Curtain Airbag – यह एयरबैग रियर एंड क्रैश के दौरान पीछे बैठे यात्रियों को सिर की सुरक्षा प्रदान करता है.

7. Rear Center Airbag – इस बैग को टक्कर के दौरान पीछे बैठे यात्रियों को चोट से बचाने के लिए इजाद किया गया.

एयरबैग में कौन सी गैस भरी होती है?

एयरबैग में सोडियम अजाइड गैस भरी होती है जो कि अंतिम समय में रासायनिक प्रक्रिया करके नाइट्रोजन गैस उत्पन्न करती है जिससे एयरबैग 0.3 सेकंड में फूल जाता है.

एयरबैग किससे बना होता है?

एयरबैग कॉटन का बना होता है जिस पर सिलिकॉन की कोटिंग की गई होती है.

एयरबैग वाली कार में रखें ये सावधानियां?

कार चलाते समय ड्राइवर को स्टीयरिंग व्हील से थोडा दूर बैठना चाहिए क्योंकि एयरबैग खुलने पर तेज झटका लग सकता है. साथ ही स्टीयरिंग व्हील के पास बैठने की वजह से एयरबैग ठीक ढंग से खुल नहीं पाता है जिसकी वजह से ड्राइवर को पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाता है. कार मे एयरबैग तभी प्रॉपर काम कर सकता है जब सीट बेल्ट पहना हो इसलिए सभी के लिए सीट बेल्ट पहनना जरूरी होता है.

कार के डैशबोर्ड पर कभी भी सजावटी सामान नहीं होना चाहिए क्योंकि किसी से टकराने पर डैशबोर्ड पर रखा सामान की वजह से एयरबैग सही तरह से काम नहीं कर पाता है.कुछ कारों में साइड एयरबैग होते है इसलिए सीट कवर लगे होने पर एयरबैग को खुलने में दिक्कत होती है जिसके कारण पैसेंजर को चोट लग सकती है. साइड एयरबैग वाली सीट पर हमेशा कवर नहीं लगाने चाहिए.

एयरबैग वाली कार में ड्राइवर को डैशबोर्ड पर पैर कभी भी नहीं रखना चाहिए. यह उसके लिए खतरनाक हो सकता है. एयरबैग खुलने पर उसके पैर को चोट लग सकती है क्योंकि एयरबैग के खुलने की स्पीड बहुत ज्यादा होती है.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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