ऊंट की पीठ पर कूबड़ क्यों होता है ? ऊंट का वैज्ञानिक नाम क्या होता है ?ऊँट के कूबड़ में पानी या हड्डी। देखिए video

ऊंट की पीठ पर कूबड़ क्यों होता है ? ऊंट का वैज्ञानिक नाम क्या होता है ?ऊँट के कूबड़ में पानी या हड्डी। देखिए video

ऊंट के कूबड़ क्यों होती है। ऊंट इतना पानी पी कैसे सकता है ? Why camel has hump ? उंट के पीठ पर कूबड क्यों होता है। ऊंट का वैज्ञानिक नाम क्या होता है ? ऊँट के कूबड़ में पानी या हड्डी। क्या आप जानते है ऊंट की पीठ पर कूबड़ वाला हिस्से का क्या काम है। ऊंट की पीठ पर कूबड़ किस काम आता है? ऊंट की पीठ पर कूबड़ होने का क्या ऊंट को कोई लाभ है?

ऊंट अरब के रेगिस्तान की शान है | दुनिया में सबसे ज्यादा ऊंट ऑस्ट्रेलिया में पाए जाते हैं | ऑस्ट्रेलिया के लोगों ने 19वीं सदी में अपने भारी-भरकम समारोह को लाने ले जाने के लिए ऊंट का आयात किया था | उसी समय जब भाप के इंजन का आविष्कार हुआ | तब यह ऊंट बेकार हो गए और उन्हें रेगिस्तान के जंगलों में छोड़ दिया गया |

इनकी किस्मत अच्छी होने के कारण वहां पर खतरनाक शिकारी नहीं थे | जिसकी बदौलत इनकी आबादी कुछ ही समय में बहुत ज्यादा बढ़ गई थी | ऊंट दो प्रकार के पाए जाते हैं पहले ऊंट वह होते हैं जिनकी एक ही कूबड़ होती है तथा दूसरे ऊंट वह होते हैं जिनके दो कूबड़ होती है | अकेले और ऑस्ट्रेलिया में 1000000 से भी ज्यादा जंगली ऊंट पाए जाते हैं | ऊंट 6 महीनों तक पानी की एक बूंद पिए बिना भी जिंदा रह सकता है | 15 मिनट के अंदर ही 1 ऊंट 115 लीटर तक पानी पी सकता है |

ऊंटों को कूबड़ क्यों होता है? - Interesting Facts about Camel Humps in Hindi

ऊंट के कूबड़ में कितना पानी होता है?

ऊंट जब भी पानी पीता है | वह पानी उनके खून में मिल जाता है | कुछ लोग यह सोचते हैं कि उनका पानी उसके ब्लड में इकट्ठा हो जाता है | जबकि ऐसा नहीं है | ऊंट जितना भी पानी में पीता है वह उसके खून में मिल जाता है |

इसके विपरीत जब इंसान पानी पीता है तो भी उसके खून और टिशूज में मिल जाता है और यदि हम ऊंट के बराबर पानी पीते हैं तो हमारा खून बहुत पतला हो जाएगा और हमारे टिशूज फेल कर फट जाएंगे इसे वोटर इंटॉक्सिकेशन कहते हैं

यदि पानी हमारे दिमाग में चला जाए तो यह हमारे दिमाग में सूजन पैदा कर देगा | जिससे कि हम कोमा में भी जा सकते हैं और हमारी मौत तक भी हो सकती है | नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *