बिस्किट में इतने सारे छेद क्यों होते हैं? केवल डिजाइन की बात नहीं है, इसके पीछे भी एक खास वजह है! देखिए video

बिस्किट में इतने सारे छेद क्यों होते हैं? केवल डिजाइन की बात नहीं है, इसके पीछे भी एक खास वजह है! देखिए video

गोल वाली नमकीन बिस्किट हो या फिर थिन आरारोट वाली मैरीगोल्ड… आपने इन बिस्किट्स में ढेर सारे छेद देखे होंगे! और भी ढेर सारी बिस्किट्स में आपने ऐसे छेद देखे होंगे! बिस्किट तो आप बचपन से ही खाते आ रहे हैं, तो गौर भी किया ही होगा! अपने फ्लेवर्स और क्वालिटी की वजह से आज बाजार में ढेरों तरह की बिस्किट्स एवलेबल हैं. उनमें ज्यादातर बिस्किट्स में कई सारे छेद बने होते हैं. क्या आप जानते हैं कि बिस्किट में इतने सारे छेद क्यों होते हैं? चलिए आज आपको बता ही देते हैं कि बिस्किट में इतने सारे छेद क्यों होते हैं.

आपने कई तरह की बिस्किट खाई होगी, जिनमें कई सारे छेद बने होते हैं. बहुत सारे लोगों की तरह शायद आपको भी लगता होगा कि यह बिस्किट का डिजाइन है. लेकिन नहीं, ऐसा नहीं है. दरअसल बिस्किट में छेद करना इनकी मैन्युफैक्चरिंग का एक जरूरी हिस्सा होता है. इसके पीछे भी एक तरह की साइंस है!

आपने कई तरह की बिस्किट खाई होगी, जिनमें कई सारे छेद बने होते हैं. बहुत सारे लोगों की तरह शायद आपको भी लगता होगा कि यह बिस्किट का डिजाइन है. लेकिन नहीं, ऐसा नहीं है. दरअसल बिस्किट में छेद करना इनकी मैन्युफैक्चरिंग का एक जरूरी हिस्सा होता है. इसके पीछे भी एक तरह की साइंस है!

बिस्किट में दिखने वाले इन छिद्रों को डॉकर्स कहा जाता है. अच्छा जब कोई मकान बनता है तो उसमें भी वें​टिलेशन के लिए छेद या जगहें छोड़ी जाती हैं. ऐसा इसलिए ताकि उस होकर हवा पास हो सके. बिस्किट में छेद किए जाने के पीछे की वजह भी कुछ ऐसी ही है. दरअसल, बिस्किट में छेद इसलिए ही छोड़े जाते हैं ताकि बेकिंग के समय इन छेदों से होकर हवा पास हो सके. हवा पास होना क्यों जरूरी है, इस बारे में भी आपको आगे बता रहे हैं.

बिस्किट में दिखने वाले इन छिद्रों को डॉकर्स कहा जाता है. अच्छा जब कोई मकान बनता है तो उसमें भी वें​टिलेशन के लिए छेद या जगहें छोड़ी जाती हैं. ऐसा इसलिए ताकि उस होकर हवा पास हो सके. बिस्किट में छेद किए जाने के पीछे की वजह भी कुछ ऐसी ही है. दरअसल, बिस्किट में छेद इसलिए ही छोड़े जाते हैं ताकि बेकिंग के समय इन छेदों से होकर हवा पास हो सके. हवा पास होना क्यों जरूरी है, इस बारे में भी आपको आगे बता रहे हैं.

दरअसल, ​बिस्किट बनाने के लिए आटा, मैदा, चीनी, नमक वगैरह जो भी गूंथी हुई सामग्री हो, उन्हें सांचे में फैलाकर एक मशीन के नीचे रख दिया जाता है. फिर मशीन उनमें छेद कर देती है. इनके बिना बिस्किट ठीक नहीं बन पाएगा. कारण कि बिस्किट बनाने की प्रक्रिया में उसमें थोड़ी हवा भर जाती है और ओवन में ​हीटिंग के दौरान गर्म होने से यह फूलने लगती है. ऐसे में बिस्किट का आकार बिगड़ने का रिस्क रहता है.

दरअसल, ​बिस्किट बनाने के लिए आटा, मैदा, चीनी, नमक वगैरह जो भी गूंथी हुई सामग्री हो, उन्हें सांचे में फैलाकर एक मशीन के नीचे रख दिया जाता है. फिर मशीन उनमें छेद कर देती है. इनके बिना बिस्किट ठीक नहीं बन पाएगा. कारण कि बिस्किट बनाने की प्रक्रिया में उसमें थोड़ी हवा भर जाती है और ओवन में ​हीटिंग के दौरान गर्म होने से यह फूलने लगती है. ऐसे में बिस्किट का आकार बिगड़ने का रिस्क रहता है.

इसलिए हवा और हीट निकालने के लिए ही बिस्किट में ये छेद बनाए जाते हैं. फैक्ट्रियों में इतनी हाइटेक मशीनें मौजूद हैं कि बिस्किट पर एक समान दूरी पर छेद बनाती हैं. ऐसे में लगता है कि ये डिजाइन है. छेद होने के कारण बिस्किट चारों तरफ से एक जैसा फूलता है और सही तरह से पकता है. अगर ये छेद नहीं होंगे तो बिस्किट की हीट और हवा बाहर नहीं आ पाएगी और बिस्किट का आकार बिगड़ जाएगा और वे बीच से ही टूटने लगेंगे.

इसलिए हवा और हीट निकालने के लिए ही बिस्किट में ये छेद बनाए जाते हैं. फैक्ट्रियों में इतनी हाइटेक मशीनें मौजूद हैं कि बिस्किट पर एक समान दूरी पर छेद बनाती हैं. ऐसे में लगता है कि ये डिजाइन है. छेद होने के कारण बिस्किट चारों तरफ से एक जैसा फूलता है और सही तरह से पकता है. अगर ये छेद नहीं होंगे तो बिस्किट की हीट और हवा बाहर नहीं आ पाएगी और बिस्किट का आकार बिगड़ जाएगा और वे बीच से ही टूटने लगेंगे.

इसलिए हवा और हीट निकालने के लिए ही बिस्किट में ये छेद बनाए जाते हैं. फैक्ट्रियों में इतनी हाइटेक मशीनें मौजूद हैं कि बिस्किट पर एक समान दूरी पर छेद बनाती हैं. ऐसे में लगता है कि ये डिजाइन है. छेद होने के कारण बिस्किट चारों तरफ से एक जैसा फूलता है और सही तरह से पकता है. अगर ये छेद नहीं होंगे तो बिस्किट की हीट और हवा बाहर नहीं आ पाएगी और बिस्किट का आकार बिगड़ जाएगा और वे बीच से ही टूटने लगेंगे.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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