आसमान में उड़ते वक्त पक्षियों का झुंड ‘V’ आकार क्यों बनाता है, इसका मतलब क्या है? देखिए video

आसमान में उड़ते वक्त पक्षियों का झुंड ‘V’ आकार क्यों बनाता है, इसका मतलब क्या है? देखिए video

आसमान में पक्ष‍ियों का झुंड जाते हुए जरूर देखा होगा. यह झुंड वी आकार के रूप में आगे बढ़ता हुआ नजर आता है, कभी सोचा है कि ऐसा क्‍यों है? लम्‍बे समय से यह वैज्ञानिकों के बीच बहस का विषय रहा है. इस पर रिसर्च की गई हैं जिसमें कई अहम बातें सामने आईं और पता चला है कि ज्‍यादातर पक्ष‍ी इसी आकार में ही क्‍यों उड़ते हैं, जानिए ऐसा होता क्‍यों है?

रिसर्च कहती है, उड़ते समय पक्ष‍ियों के वी आकार बनाने के पीछे दो कारण होते हैं. पहला, इससे पक्षी आसानी से उड़ पाते हैं और अपने दूसरे साथी से टकराते नहीं है. दूसरा, पक्ष‍ियों के झुंड में एक लीडर होता है जो सभी को गाइड करता है. उड़ते समय वो लीडर सबसे आगे होता है और दूसरे पक्षी उसके पीछे उड़ते हैं, इसलिए उड़ान भरते समय वी आकार बनता है. इस तरह की उड़ान पर कई वैज्ञानिकों ने अपना मत भी रखा है.

आसमान में पक्ष‍ियों का झुंड जाते हुए जरूर देखा होगा. यह झुंड वी आकार के रूप में आगे बढ़ता हुआ नजर आता है, कभी सोचा है कि ऐसा क्‍यों है? लम्‍बे समय से यह वैज्ञानिकों के बीच बहस का विषय रहा है. इस पर रिसर्च की गई हैं जिसमें कई अहम बातें सामने आईं और पता चला है कि ज्‍यादातर पक्ष‍ी इसी आकार में ही क्‍यों उड़ते हैं, जानिए ऐसा होता क्‍यों है? (PS: Birdresearch)

लंदन यूनिवर्सिटी के रॉयल वेटरनरी कॉलेज के प्रोफेसर जेम्‍स उशरवुड का कहना है, इस तरह की उड़ान भरने पर हवा को काटना आसान हो जाता है और बगल में उड़ रहे पक्षी के लिए उड़ते रहना और आसान हो जाता है. इसके अलावा एनर्जी बचती है. शोधकर्ताओं का कहना है, पक्ष‍ियों में इस तरह से उड़ने की कला जन्‍म से नहीं होती है. समय के साथ ये धीरे-धीरे झुंड में रहने पर ऐसा करना सीखते हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है, पक्ष‍ियों में सबसे आगे उड़ने को लेकर प्रतिस्‍पर्धा नहीं होती. सभी चिड़ि‍यों को बराबर अध‍िकार प्राप्‍त होते हैं, कोई भी एक पक्षी जो सबसे पहले उड़ान भरता है वो आगे चलता है और बाकी उसके पीछे उड़ना शुरू कर देते हैं. जब सबसे आगे चलने वाला लीडर पक्षी थक जाता है तो वो पीछे आ जाता है और दूसरा पक्षी उसकी जगह ले लेता है.

रिसर्च कहती है, उड़ते समय पक्ष‍ियों के वी आकार बनाने के पीछे दो कारण होते हैं. पहला, इससे पक्षी आसानी से उड़ पाते हैं और अपने दूसरे साथी से टकराते नहीं है. दूसरा, पक्ष‍ियों के झुंड में एक लीडर होता है जो सभी को गाइड करता है. उड़ते समय वो लीडर सबसे आगे होता है और दूसरे पक्षी उसके पीछे उड़ते हैं, इसलिए उड़ान भरते समय वी आकार बनता है. इस तरह की उड़ान पर कई वैज्ञानिकों ने अपना मत भी रखा है. (PS: Birdresearch)

वी-आकार के मामले खासतौर पर माइग्रेट्री बर्ड में ज्‍यादा सामने आते हैं. ये लम्‍बी उड़ान भरते हैं. इसलिए वी-आकार में उड़ते समय लीडर बनने का मौका सभी चिड़ियों को मिलता है. रिसर्च कहती है, खासतौर पर पूरी तरह स्‍वस्‍थ चिड़ि‍या ही लीड पोजिशन में आगे बढ़ती है.नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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