बड़ी-बड़ी इमारतों को हरे रंग के कपड़े से क्यों ढक दिया जाता है? देखिए video

बड़ी-बड़ी इमारतों को हरे रंग के कपड़े से क्यों ढक दिया जाता है? देखिए video

अक्सर अपने सफर के दौरान या यूं ही अपने आसपास गंगनचुंबी इमारते देखी होंगी। साथ ही देखा होगा कि इन इमारतों को हरे रंग के कपड़े से ढ़का जाता है। हरे रंग का यह कपड़ा एक ऐसी चीज है जो कंस्ट्रक्शन साइट पर तमाम जरुरी चीजों के साथ देखा जाता है।

यह जानना जरूरी है कि आखिर इन कंस्ट्रक्शन साइट पर इमारतों को हरे कपड़े से ही क्यो ढका जाता है? किसी और कपड़े से क्यों नहीं ढका जाता है? क्या ये रहे रंग का कपड़ा देखकर आपके जहन में ये सवाल आया होगा। चलिए आज जानेंगे कि इस हरे रंग के कपड़े के पीछे का क्या राज है, और इससे क्या लाभ होगा।

धूल-मिट्टी बाहर नहीं निकले, इसलिए ऐसा किया जाता है

जहां भी बिल्डिंग बननी शुरू होती है, वहां कंस्ट्रक्शन साइट पर भारी मात्रा में धूल व बिल्डिंग में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट उड़ते हैं। इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोगों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत हो जाती है। लोगों को परेशानी होने लगती है, इसलिए बन रही बिल्डिंग को हरे रंग के कपड़े से ढक दिया जाता है ताकि उससे निकलने वाली धूल मिट्टटी बाहर नहीं आ सके।

jagran

आखिर हरा रंग ही क्यों?

एक बात और है जो हरेक के दिमाग में घूम रहा हो कि लाल व सफेद कपड़े से इमारत को क्यों नहीं ढका जाता है। आखिर हरा रंग ही क्यों? तो इसका सीधा सा जवाब है कि हरे रंग दूर से ही दिखाई देता है साथ ही रात में ये थोड़ी सी रोशनी में भी रिफलेक्ट हो जाता है। इसलिए बन रही बिल्डिंग को हरे रंग के कपड़े से ढक दिया जाता है।

ये भी हैं कारण

अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग को हरे कपड़े से ढकने के पीछे की वजह यह बताई जाती है कि ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूर का ध्यान न भटके या फिर खूद को अचानक से इतनी ऊंचाई पर देखकर वो विचलित नहीं हो। ऐसे में बिल्डिंग को कपड़े से ढक दिया जाता है।

इसके साथ ही इसका एक और कारण यह भी बताया जाता है कि बाहर के लोग भी लगातर ऊंची इमारतों को देखते रहते हैं। ऐसे में वहां काम कर रहे लोगों पर किसी तरह का मानसिक दबाव न बने इसलिए बन रही बिल्डिंग को हरे रंग के कपड़े से ढक दिया जाता है। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *