अगर आप ब्लैक होल के अंदर गिर जाएँ तो क्या होगा? देखिए video

अगर आप ब्लैक होल के अंदर गिर जाएँ तो क्या होगा? देखिए video

इससे पहले भी मैंने ब्लैक होल (You Fell Into A Black Hole) से जुड़ी बहुत सारे बातों के बारे में आप लोगों को बताया है, इसलिए आगे बढ़ने से पहले थोड़ा बता दूँ कि, अगर आप ब्लैक होल के बारे में और भी दिलचस्प बातों को जानना चाहते हैं तो मेरे द्वारा ब्लैक होल के ऊपर लिखे गए लेख को अवश्य ही एक बार जरूर पढ़ें। मित्रों! ब्लैक होल से ज्यादा रहस्यपूर्ण चीज़ शायद ही कोई दूसरी ही इस ब्रह्मांड में मौजूद होगी। इसलिए अकसर इससे जुड़ा हर एक सवाल और हर एक तथ्य काफी ज्यादा अनजान और आकर्षक होता हैं। ब्लैक होल के बारे में जानना मुझे भी बहुत ज्यादा पसंद है।

तो, आज के इस लेख में हम एक ऐसे ही ब्लैक होल (you fell into a black hole) से जुड़े आकर्षक सवाल के बारे में चर्चा करेंगे। आज हम बात करेंगे ब्लैक होल के अंदर गिरने से इंसान के ऊपर इसका क्या प्रभाव पड़ता हैं। जी हाँ! मित्रों आप लोगों ने सही सुना आज हम ब्लैक होल से जुड़ी शायद सबसे दिलचस्प और अनजान सवाल के जवाब को ढूँढने का प्रयास करेंगे। इसलिए आप लोगों से मेँ आग्रह करना चाहूँगा की, लेख को अंत तक पढ़िएगा क्योंकि यह लेख काफी ज्यादा अनोखा और खास होने वाला हैं।

ब्लैक होल के अंदर गिरने से आपके साथ क्या होगा? –

ब्लैक होल (you fell into a black hole) एक ऐसी चीज़ हैं, जिसके बारे में अभी तक इंसान ज्यादा तथ्य जुटाने में असमर्थ रहा हैं। इसलिए आगे जिस बारे में भी चर्चा करेंगे वो अनुमान और सिद्धांतों के ऊपर आधार करके किया जायेगा। ब्रह्मांड में ब्लैक होल के होने का रहस्य इंसानों को काफी समय पहले से ही पता लग गया था, परंतु इसके काले वर्ण और रहस्यमयी संरचना के कारण इसको लेकर वैज्ञानिकों के अंदर काफी ज्यादा वाद-विवाद बने रहे। कुछ वैज्ञानिक कहते हैं की, ब्लैक होल का केंद्र “Point Of Infinity” यानी अनंत बिंदु को दर्शाता हैं जिसका की कोई अंत ही नहीं हैं। इसके अंदर का गुरुत्वाकर्षण बल इतना ताकतवर होता हैं की, इससे प्रकाश भी नहीं बच पाता। इसलिए इसके अंदर प्रवेश करने के ख्याल से ही हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

यदि आप अं‍तरिक्ष की सैर कर रहे हों और अचानक ब्लैक होल में गिर पड़ें तो क्या  होगा?? | black hole

कुछ वैज्ञानिक कहते हैं की, अगर कोई इंसान ब्लैक होल के अंदर प्रवेश करने की कोशिश भी करता हैं तो उसके शरीर के अंदरूनी अंग ब्लैक होल के असीमित गुरुत्वाकर्षण बल के कारण चारों तरफ फट कर बाहर आ जाएंगे जो कि देखने से काफी दर्दनाक और अमानवीय लगेगा। जैसे टुथ पेस्ट (Tooth Paste Tube) के ट्यूब से टुथ पेस्ट बाहर निकलता हैं, ठीक उसी तरह आपके शरीर के अंदरूनी अंग और जैविक तरल पदार्थ स्वतः मुंह या किसी दूसरे रास्ते बाहर निकल आयेंगे।

ऐसे में यह अवश्य ही कहा जा सकता हैं की, ब्लैक होल के केंद्र तक पहुँचने के बहुत पहले ही हमारी मौत निश्चित रूप से हो गई होगी। इसलिए अगर कोई इंसान ब्लैक होल के अंदर जाने का प्रयास भी करता हैं, तो उसे ब्लैक होल के ताकतवर गुरुत्वाकर्षण बल को टालने के लिए कुछ बंदोबस्त अवश्य ही करना पड़ेगा।

ब्लैक होल के अंदर आपके शरीर के साथ कुछ ऐसा होगा की जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हैं! :-

ब्लैक होल (you fell into a black hole) के अंदर आपके शरीर को चरम प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। वैज्ञानिक इसे समझने के लिए गुरुत्वाकर्षण बलों के सिद्धांतों की मदद लेते हैं। जब कोई भी चीज़ ब्लैक होल के “Event Of Horizon” के पार चला जाता हैं, तब उसका वापस लौटना लगभग असंभव ही हैं। क्योंकि इवैंट ऑफ होरीज़ोन को “Point Of No Return” भी कहा जाता हैं, जहाँ पर ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल इतना बढ़ जाता हैं की इससे प्रकाश भी बाहर नहीं निकल सकता हैं। इसलिए जब आपका शरीर इवैंट ऑफ होरीज़ोन के पार चला जायेगा तो आपका वापस लौटना लगभग असंभव ही हो जायेगा।

ब्लैक होल के अंदर गिरने के बाद क्या होगा?

जब आपका शरीर धीरे-धीरे ब्लैक होल के केंद्र कि और बढ़ेगा तब आपका सर और आपके पावों कि उँगलियाँ विपरीत दिशा में खींचते हुए चले जाएंगे। परंतु बता दूँ की, यह खिंचाव कुछ इस तरीके से होगा की इससे आपका शरीर दो हिस्सों में नहीं बटेगी। जी हाँ! आपका शरीर पहले के भांति ही रहेगा, परंतु धीरे-धीरे इसकी लंबाई बढ़ती जाएगी। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक“Spaghettification” कहते हैं, क्योंकि इस प्रक्रिया से आपका शरीर स्पगिटी में तबदील हो जायेगी। मित्रों! देखने में स्पगिटी हूबहू “Chowmein” की तरह ही दिखती हैं। तो, आप जरा अभी अंदाजा लगाएँ की आपका शरीर चाऊमीन में बादल जाएँ तो वह कैसा दिखेगा।

हालांकि, यहाँ पर गुरुत्वपूर्ण बात ये हैं की इतने भारी मात्रा में गुरुत्वाकर्षण बल को सहने के बाद भी हमारा शरीर काफी समय तक साबुत ही बचा रहता हैं। परंतु मित्रों इस प्रक्रिया के कारण होने वाला दर्द शायद इंसानों के लिए इतना होगा की वह इसी दर्द से ही अपना दम तोड़ दें।

आखिर में आपके शरीर को प्राप्त होगी “Singularity” :-

वैज्ञानिकों का मानना हैं की, इंसानी दिमाग चरम प्रतिकूल अवस्था में अपने-आप बंद पड़ जाता हैं और इसके अंदर मौजूद कोशिका स्वतः विघटित होने लगते हैं। इसी वजह से जब आपका शरीर स्पगिटी बन जाती हैं, तब आपके दिमाग के अंदर मौजूद कोशिका खुद व खुद नष्ट होने लगते हैं। इसी वजह से आप तुरंत ही बेहोश तथा उसके उपरांत मौत को प्राप्त हो जाएंगे।

मरने के बाद हमारा शरीर धीरे-धीरे सूक्ष्म कणों में विघटित होने लगती हैं। यह सूक्ष्म कण बाद में मौलिक कणों में परिवर्तित हो जाती हैं। मौलिक कणों में परिवर्तित होने के बाद आखिर में हम “Singularity” को प्राप्त करते हैं। सिंगुलरिटी के अवस्था में हमारे शरीर के मौलिक कण अति से अति सूक्ष्म हो जाते हैं। यहाँ ध्यान रखने वाली बात ये भी हैं की, एक बार सिंगुलरिटी को प्राप्त होने के बाद कोई भी चीज़ अपने मूल अवस्था में नहीं आ सकती। इसलिए एक बार हमारा शरीर सिंगुलरिटी को प्राप्त हो गई तो, हमारा अस्तित्व उसी के साथ ही साथ हमेशा-हमेशा के लिए मीट जाता हैं।

हालांकि! सिंगुलरिटी का प्रभाव ब्लैक होल (you fell into a black hole) के आकार पर निर्भर करता हैं। अगर आप हमारे सौर-मंडल के आकार के जीतने ब्लैक होल के अंदर गिर भी जाते हैं तो भी आपके शरीर की मूल संरचना बनी रहेगी। नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल) [ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. EkBharat News अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

Rutvisha patel

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